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मरणोपरांत पांच भारतीय शांति रक्षकों को मिलेगा यूएन का प्रतिष्ठित पदक
Thu, 28 May 2020 07:08 AM IST
श्रीधर मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Thu, 28 May 2020 07:08 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र
- फोटो : social media
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संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियानों में सेवा देते हुए पिछले साल अपनी जान न्योछावर करने वाले पांच भारतीय शांति रक्षकों को यूएन के मरणोपरांत प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में पांच भारतीय शांति रक्षकों के अलावा 83 सैन्य, पुलिस और असैन्य कर्मियों को भी इस हफ्ते सम्मानित किया जाएगा।
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दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में सेवा देने वाले मेजर रवि इंदर सिंह संधू और सर्जेंट लाल मनोत्रा तारसेम, लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में सार्जेंट रमेश सिंह, यूएन डिसइंगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स में काम करने वाले पी. जॉनसन बेक और कांगो में यूएन मिशन में काम करने वाले एडवर्ड ए. पिंटो को 29 मई को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर मरणोपरांत ‘दैग हैमरस्कोल्द पदक’ दिया जाएगा।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव 1948 के बाद अपनी जान गंवाने वाले सभी शांति रक्षकों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह एक समारोह की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें 2019 में ड्यूटी करते हुए अपनी जान गंवाने वाले 83 सैन्य, पुलिस और असैन्य शांति रक्षकों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया जाएगा।
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इस साल चुनौतियां ज्यादा
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इस साल शांति रक्षकों की चुनौतियां और खतरे पहले के मुकाबले कहीं अधिक हैं, क्योंकि न केवल वे कोविड-19 वैश्विक महामारी का सामना कर रहे हैं बल्कि ,अपनी तैनाती वाले देशों में लोगों की रक्षा भी कर रहे हैं। संघ ने कहा कि कोविड-19 के खतरे के बावजूद वे पूरी क्षमता के साथ अपना अभियान चलाए हुए हैं और सरकारों और स्थानीय आबादी का सहयोग कर रहे हैं।