भारत-भूटान के बीच 10 समझौते, मोदी बोले- दुनिया में कौन नहीं चाहता भूटान जैसा दोस्त और पड़ोसी
- दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने आपसी संबंधों को मजबूत करने पर की चर्चा
- प्रधानमंत्री मोदी का यब दूसरा भूटान दौरा, दूसरे कार्यकाल की पहली यात्रा
- भारत-भूटान पनबिजली सहयोग के पांच दशक पूरे, डाक टिकट भी जारी
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान सिमटोखा जोंग में एक पौधा भी लगाया
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के अपने समकक्ष लोटे शेरिंग से शनिवार को विभिन्न विषयों पर बातचीत की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय भागीदारी को और प्रगाढ़ बनाने के कदमों पर चर्चा की। दोनों देशों ने अपने संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए 10 सहमति करार पर हस्ताक्षर किए।
Bhutan: 5 Memoranda of Understanding (MoU) signed between India & Bhutan at Simtokha Dzong, in presence of Prime Minister Narendra Modi and Prime Minister of Bhutan (Dr.) Lotay Tshering pic.twitter.com/sRJIjb6h8H
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 17, 2019
दोनों देशों ने अंतरिक्ष अनुसंधान, विमानन, आईटी, ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्र में 10 सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘हमने गहन चर्चा की, जिसमें हमने भारत और भूटान के बीच संबंधों पर विचार-विमर्श किया। हमारे राष्ट्रों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और बेहतर बनाने की बहुत गुंजाइश है।’
भारत-भूटान पनबिजली सहयोग के पांच दशक पूरे, डाक टिकट जारी किए
प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा भूटान दौरा था। इस साल मई में दोबारा भाजपा की सरकार बनने के बाद उनकी यह पहली भूटान यात्रा है। इस दौरान उन्होंने मांगदेछू पनबिजली ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ किया और भारत-भूटान पनबिजली सहयोग के पांच दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में डाक टिकट भी जारी किए।
ऐतिहासिक सिमटोखा जोंग स्थल पर अपने भूटानी समकक्ष के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं दूसरे कार्यकाल के आरंभ में भूटान आकर बहुत खुश हूं।’
प्रधानमंत्री मोदी ने सिमटोखा जोंग में खरीदारी कर की रुपे कार्ड की शुरुआत
मोदी ने शब्दरूंग नामग्याल द्वारा साल 1629 में निर्मित सिमटोखा जोंग में खरीदारी कर रुपे कार्ड की भी शुरुआत की। सिमटोखा जोंग भूटान में सबसे पुराने स्थलों में एक है और यह मठ और प्रशासनिक मामलों का केंद्र है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं आज बहुत खुश हूं, हमने भूटान में रुपे कार्ड की शुरुआत की है। इससे डिजिटल भुगतान और व्यापार तथा पर्यटन में हमारे संबंध और आगे बढ़ेंगे। हमारी साझा आध्यात्मिक धरोहर और लोगों के बीच मजबूत आपसी संपर्क हमारे संबंधों की कुंजी हैं।’
Bhutan: Prime Minister Narendra Modi launches RuPay Card in Bhutan by making a purchase, at Simtokha Dzong pic.twitter.com/g7dfAROYCC
— ANI (@ANI) August 17, 2019
दक्षेस मुद्रा स्वैप प्रारूप के तहत भूटान के लिए मुद्रा स्वैप सीमा बढाने पर मोदी ने कहा कि भारत का रूख सकारात्मक है। विदेशी विनिमय की जरूरत को पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्वैप व्यवस्था के तहत भूटान को अतिरिक्त 10 करोड़ डॉलर उपलब्ध कराए जाएंगे।
भूटान की पंचवर्षीय योजना में जारी रहेगा भारत का सहयोग : प्रधानमंत्री मोदी
दोनों नेताओं ने भारत के नेशनल नॉलेज नेटवर्क और भूटान के ड्रक रिसर्च एंड एजुकेशन नेटवर्क के बीच अंतर-संपर्क की ई-वॉल का भी अनावरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भूटान की प्रगति में बड़ा सहयोगी बनना भारत के लिए गौरव की बात है। भूटान की पंचवर्षीय योजना में भारत का सहयोग जारी रहेगा ।’
दोनों नेताओं ने भूटान में दक्षिण एशिया उपग्रह के इस्तेमाल के लिए इसरो के सहयोग के साथ विकसित सैटकॉम नेटवर्क और ग्राउंड अर्थ स्टेशन का भी शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के जरिए भूटान के विकास को बढ़ावा देने के प्रति कटिबद्ध है। भारत भूटान में संचार, लोक प्रसार और आपदा प्रबंधन कवरेज को बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा कि रॉयल भूटान विश्वविद्यालय और भारत के आईआईटी तथा अन्य शीर्ष शैक्षाणिक संस्थानों के बीच तालमेल और संबंध शिक्षा और प्रौद्योगिकी के लिए आज की जरूरतों के अनुरूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने सिमटोखा जोंग में एक पौधा भी लगाया।
भारत और भूटान इसलिए करीब हैं क्योंकि हमारे दिल खुले हैं : लोटे शेरिंग
वहीं, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग ने कहा कि भारत और भूटान का आकार भले अलग-अलग हो लेकिन हमारी सोच, मूल्य और प्रेरणा समान हैं। उन्होंने कहा, ‘भूटान के उनके (मोदी) पहले दौरे पर, याद दिलाना चाहूंगा कि मैंने कहा था कि भारत और भूटान इसलिए करीब नहीं है क्योंकि हमारी खुली सीमा है बल्कि इसलिए हैं कि हमारे दिल एक दूसरे के लिए खुले हैं। इस बार आपकी यात्रा दिखाती है कि आपको इसको कितना महत्व देते हैं।’
Bhutan: Prime Minister Narendra Modi meets monks at Simtokha Dzong in Semtokha. pic.twitter.com/QhfAt1rtVu
— ANI (@ANI) August 17, 2019
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ताशीचोजोंग पैलेस, भूटान में रस्मी स्वागत समारोह में सलामी गारद का निरीक्षण किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि महामहिम भूटान नरेश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए महल में पारंपरिक चिपड्रेल जुलूस और स्वागत समारोह हुआ।
पारो हवाई अड्डे पर हुआ पीएम मोदी का भव्य स्वागत, शेरिंग ने की अगवानी
भूटान आने पर प्रधानमंत्री मोदी का पारो हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ। भूटान के प्रधानमंत्री ने वहां उनकी अगवानी की। मोदी ने ट्वीट किया, ‘हवाई अड्डे पर स्वागत करने के लिए मैं भूटान के प्रधानमंत्री का बहुत आभारी हूं। उनका व्यवहार दिल को छू गया।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भूटान में अविस्मरणीय स्वागत हुआ। यह ऐसी जगह है जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है, यहां के लोग भी कमाल के हैं। यहां गजब का उत्साह है और भूटान के लोग भारत-भूटान दोस्ती को सफलता की नयी ऊंचाइयों पर जाते देखना चाहते हैं।
भूटान के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए पारो से राजधानी थिम्पू तक मार्ग के किनारे खड़े लोग भारतीय तिरंगा और भूटानी ध्वज लहरा रहे थे।
Bhutan: Prime Minister Narendra Modi plants a Cypress tree sapling at Simtokha Dzong. Prime Minister of Bhutan (Dr.) Lotay Tshering present pic.twitter.com/PJ9MExr9c7
— ANI (@ANI) August 17, 2019
नामग्याल को भूटान के एकीकृत करने वाले के तौर पर देखा जाता है। पौधरोपण के बाद प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक इमारत के बौद्ध भिक्षुओं से भी भेंट की जहां पहली बार परियोजना उद्घाटन कार्यक्रम हुआ और सहमति पत्रों का आदान प्रदान हुआ।