G20: पीएम मोदी ने G20 लीडर्स समिट में खाद्य सुरक्षा पर दिया जोर, दूसरे सेशन में विश्व को दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साउथ अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में G20 लीडर्स समिट के दूसरे सेशन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया।
विस्तार
समिट के दूसरे सेशन में पीएम मोदी ने इस बात की तारीफ की कि भारत द्वारा शुरू किए गए आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने G20 देशों से वित्त, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास जुटाने के लिए CDRI के साथ मिलकर काम करने की भी अपील की।
The second session at the G20 Summit in Johannesburg focussed on building a resilient world in the face of disasters, climate change and ensuring energy transitions that are just as well as robust food systems. India has been actively working on all these fronts, building a… pic.twitter.com/Iqvh81CxUj
विज्ञापन विज्ञापन— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
खनिज सर्कुलरिटी पहल का रखा प्रस्ताव
इस दौरान भारत ने शनिवार (22 नवंबर) को पुनर्चक्रण, शहरी खनन, सेकेंड लाइफ बैटरी और संबंधित नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए जी-20 महत्वपूर्ण खनिज सर्कुलरिटी पहल का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि देश स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जोहानिसबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में अपने संबोधन में उन्होंने जी-20 ओपन सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा, जिसके तहत जी-20 अंतरिक्ष एजेंसियों से उपग्रह डेटा और विश्लेषण को "ग्लोबल साउथ के देशों के लिए अधिक सुलभ" बनाया जा सकेगा।
भारत इन सभी मोर्चों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने भाषण के मुख्य बिंदुओं को एक्स पर कई पोस्टों में माध्यम से साझा किया। उन्होंने बताया कि दूसरा सत्र "एक लचीला विश्व- जी-20 का योगदान: आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु परिवर्तन, न्यायोचित ऊर्जा परिवर्तन, खाद्य प्रणालियां" पर था। पीएम मोदी ने कहा, "जी-20 शिखर सम्मेलन का दूसरा सत्र आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा परिवर्तनों के साथ-साथ मजबूत खाद्य प्रणालियों को सुनिश्चित करने के लिए एक लचीली दुनिया के निर्माण पर केंद्रित था। भारत इन सभी मोर्चों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है और एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रहा है जो मानव-केंद्रित और समावेशी हो।"
उन्होंने कहा कि भारत स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, यही कारण है कि "हम रीसाइक्लिंग, शहरी खनन, सेकेंड लाइफ बैटरियों और संबंधित नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए जी-20 क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलरिटी पहल का प्रस्ताव करते हैं।' उन्होंने आगे लिखा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे प्रतिकूल प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है, जिससे खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
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पीएम मोदी ने खाद्य सुरक्षा पर गिनाईं उपलब्धियां
पीएम मोदी ने इस संबंध में अपनी बात रखते हुए बताया कि कैसे "भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा और पोषण सहायता कार्यक्रम, दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना और फसल बीमा योजना के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान कर रहा है।" उन्होंने कहा, "भारत श्री अन्न (मोटा अनाज) को बढ़ावा देने में भी अग्रणी है।"
उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का समाधान मजबूत वैश्विक सहयोग से किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा, "यही कारण है कि भारत ने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह की स्थापना की। जब आपदा लचीलेपन की बात आती है, तो दृष्टिकोण केवल प्रतिक्रिया केंद्रित ही नहीं, बल्कि विकास केंद्रित भी होना चाहिए।"