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Modi in Ukraine: 'ट्रेन फोर्स वन' से कीव पहुंचेंगे PM मोदी; जेलेंस्की के साथ युद्ध के समाधान पर करेंगे वार्ता

Fri, 23 Aug 2024 05:30 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 23 Aug 2024 05:30 AM IST
सार

पीएम मोदी की यह यात्रा ऐतिहासिक है। भारत और यूक्रेन के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। रूस से जारी यूक्रेन के युद्ध के बीच पूरी दुनिया की नजरें पीएम के इस दौरे पर हैं।

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PM Modi Ukraine visit Update apart from bilateral cooperation, talks on resolving the ongoing war with Russia
जेलेंस्की और पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों पोलैंड और यूक्रेन के दौरे पर हैं।  पोलैंड की यात्रा खत्म कर आज वे ट्रेन से 10 घंटे का सफर करके यूक्रेन पहुंचेंगे। मोदी शुक्रवार की सुबह करीब 7 घंटे यूक्रेन की राजधानी कीव में रहेंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ वार्ता करेंगे। इसमें यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि करीब तीन दशक पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यूक्रेन की पहली यात्रा होगी। इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर है। अमेरिका ने प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन यात्रा को अहम करार दिया है।

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भारत यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए सहयोग को तैयार-पीएम मोदी
इससे पहले, पीएम मोदी ने पोलैंड में युद्ध का मैदान पर समाधान करने के बजाय संवाद की कूटनीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए मित्र देशों के साथ हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है, क्योंकि युद्ध के मैदान पर किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता है। मोदी ने वारसॉ में अपने पोलिश समकक्ष डोनाल्ड टस्क के साथ वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्ष हम सभी के लिए गहरी चिंता का विषय है। 
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पीएम मोदी की यात्रा पर दुनिया भर की नजरें
पीएम मोदी की यह यात्रा ऐतिहासिक है। भारत और यूक्रेन के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। रूस से जारी यूक्रेन के युद्ध के बीच पूरी दुनिया की नजरें पीएम के इस दौरे पर हैं।  इस बीच, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन यात्रा से युद्ध समाप्त करने में मदद मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पीएम के दौरे को लेकर कहा कि हमने कई राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को इस क्षेत्र की यात्रा करते देखा है (और) हमें उम्मीद है कि ये सभी यात्राएं हमें महासभा के प्रस्तावों, अंतर्राष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय अखंडता के अनुरूप संघर्ष के अंत के करीब ले जाएंगी।
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 मोदी की यूक्रेन यात्रा का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार पोलैंड से 22 अगस्त को यूक्रेन के लिए रवाना हुए। ट्रेन में करीब 10 घंटे का सफर करके वह आज 23 अगस्त (शुक्रवार) को कीव पहुंचेगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के कार्यालय के अनुसार, 23 अगस्त को यूक्रेन के राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान विशेष रूप से पीएम मोदी की यूक्रेनी राष्ट्रपति के साथ बातचीत होगी, जिसमें वे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बयान के अनुसार, यूक्रेन और भारत के बीच कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है। प्रधानमंत्री यात्रा के दौरान छात्रों सहित भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे।



यात्रा के एजेंडे में क्या है?
कीव में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में कई द्विपक्षीय संबंधों के कई पहलू शामिल होंगे। दौरे से पहले पीएम मोदी ने एक बयान में कहा था कि वह द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और जारी यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ पिछली बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 'एक मित्र और साझेदार के रूप में, हम इस क्षेत्र में शीघ्र ही शांति और स्थिरता की वापसी की आशा करते हैं।'


वहीं, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) तन्मय लाल ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि भारत ने हमेशा यूक्रेन में संघर्ष को हल करने के लिए कूटनीति और बातचीत की वकालत की है। तन्मय ने कहा कि यूक्रेन में चल रहा संघर्ष चर्चा का हिस्सा होगा। कृषि, बुनियादी ढांचा, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य और शिक्षा, रक्षा और लोगों के बीच संबंध से मुद्दे वार्ता का हिस्सा होंगे।

रिपोर्ट्स थीं कि संघर्ष के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण में भारत मदद करना चाहता है। इससे जुड़े सवाल पर तन्मय लाल ने कहा कि भारत न केवल संघर्ष का शांतिपूर्ण हल खोजने के लिए, बल्कि पुनर्निर्माण प्रक्रिया में भी सभी आवश्यक समर्थन और योगदान देने को तैयार है।

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