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मानवाधिकारों का उल्लंघन: सामने आई फिलीपींस के ‘खूनी रविवार’ की भयानक कहानी

Thu, 11 Mar 2021 03:52 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 11 Mar 2021 03:52 PM IST
सार

फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद टीवी पर एक लाइव प्रसारण में कहा, ‘मैंने सेना और पुलिस से कहा है कि अगर उनकी कम्युनिस्टों से मुठभेड़ हो, तो उन्हें मार डालिए। मानवाधिकारों की चिंता मत कीजिए।’

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Philippines President Rodrigo Duterte is among the leaders who have been accused of openly violating all the limitations of democracy
फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

फिलीपींस में पिछले रविवार को राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के विरोधी कार्यकर्ताओं की हुई हत्या के बारे में ब्यौरे धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। पूर्वी एशिया के समाचार माध्यमों में इस घटना को बर्बर बताया गया है। साथ ही इस घटना को ‘ब्लडी संडे’ यानी खूनी रविवार का नाम दिया गया है। दुतेर्ते दुनिया उन नेताओं में हैं, जिन पर लोकतंत्र की तमाम मर्यादाओं का खुलेआम उल्लंघन करने के आरोप रहे हैं।

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अब सामने आई जानकारी के मुताबिक रविवार को फिलीपीन्स के सुरक्षा बलों ने राजधानी मनीला के आसपास के इलाकों में कई सामुदायिक संगठनों के दफ्तरों और उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं के घरों पर छापे मारे। उन्होंने नौ ऐसे कार्यकर्ताओं की गोली मार कर हत्या कर दी। उनमें एक विवाहित दंपति भी थे। छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने दावा किया है कि छापों के दौरान हथियार और ग्रेनेड बरामद हुए। उनके मुताबिक जब कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, उसके बाद उन्हें गोली मारी गई। लेकिन आम तौर पर अधिकारियों के दावों को शक की निगाह से देखा गया है।
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दुतेर्ते के दूसरे कार्यकाल का ये आखिरी साल है। उनके पूरे शासन काल में विरोधियों, समलैंगिकों, कथित अपराधियों और कथित नशाखोरों को सीधे गोली मार देने की घटनाएं होती रही हैं। लेकिन इस बार की घटना इतनी भयानक है कि फिलीपीन्स के उप राष्ट्रपति लेनी रोब्रेदो ने भी इसकी आलोचना की है। उन्होंने एक बयान में इसे ‘नरसंहार’ बताया। वामपंथी संगठन बायन ने एक बयान में कहा कि पुलिस की इस कहानी पर कोई भरोसा नहीं कर रहा है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई की।
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गौरतलब है कि इस घटना के दो दिन पहले दुतेर्ते ने फिलीपींस के सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उसमें उन्होंने सुरक्षा बलों से ‘कम्युनिस्टों को मार डालने’ को कहा था। बैठक के बाद दुतेर्ते ने टीवी पर एक लाइव प्रसारण में कहा, ‘मैंने सेना और पुलिस से कहा है कि अगर उनकी कम्युनिस्टों से मुठभेड़ हो, तो उन्हें मार डालिए। मानवाधिकारों की चिंता मत कीजिए।’ गौरतलब है कि इस तरह के भड़काऊ बयान देना दुतेर्ते की राजनीति शैली का हिस्सा रहा है।

जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार उच्चायुक्त की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने इस घटना पर कहा कि नौ कार्यकर्ताओं की मनमाने ढंग से की गई हत्या भयानक है। ऑस्ट्रेलिया स्थित इंटरनेशनल कोलिशन फॉर ह्यूमन राइट्स इन फिलीपीन्स ने कहा कि ये हत्याएं सीधे तौर पर दुतेर्ते के बयान का परिणाम हैं। हमने संयुक्त राष्ट्र और उसके सदस्य देशों से आग्रह किया है कि वे खूनी रविवार को हुई हत्याओं की सार्वजनिक रूप से निंदा करें।

लेकिन राष्ट्रपति दुतेर्ते के प्रवक्ता हैरी रोके ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया है। उन्होंने कहा- ‘चूंकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ फिलीपीन्स और न्यू पीपुल्स आर्मी के साथ युद्ध चल रहा है, इसलिए हत्याओं पर रोक नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत भी हत्या करने का राष्ट्रपति का आदेश उचित है।’ फिलीपीन्स के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हर्मोगेनस एस्पर्सन ने कहा है कि इस मामले में मानव अधिकारों को लाना उचित नहीं है, क्योंकि न्यू पीपुल्स आर्मी एक हथियारबंद संगठन है। इसलिए उसके खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई सही है।

लेकिन वामपंथी संगठन बायन ने कहा है कि जो लोग मारे गए वे किसी हथियारबंद गुट के सदस्य नहीं थे। बल्कि पुलिस उन्हें ऐसा बताने की कोशिश कर रही है, और इसके लिए उसने ‘फर्जी ढंग से’ घटनास्थल पर हथियार और विस्फोटक रख दिए।

न्यू पीपुल्स आर्मी (एनपीए) कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ फिलीपीन्स की हथियारबंद शाखा है। यह 1969 से फिलीपीन्स (सीपीपी) में सक्रिय है। खूनी रविवार की घटना के बाद सीपीपी ने एक बयान में एनपीए से इस घटना को अंजाम देने वालों और उन्हें इसका आदेश देने वालों को सजा देने का आह्वान किया है।


दुतेर्ते ने 2016 में दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव जीता था। तब चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने वादा किया था कि फिर राष्ट्रपति बनने पर वे ड्रग्स कारोबारियों को मरवा देंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दुतेर्ते के राष्ट्रपति बनने के बाद से फिलीपीन्स के हजारों लोग हिंसा में मारे गए हैं। पुलिस के मुताबिक नशीले पदार्थों के खिलाफ छेड़े गए युद्ध में पांच हजार लोग मारे गए हैं। लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि गैर-कानूनी ढंग से 27 हजार से ज्यादा लोगों की सुरक्षा बलों ने हत्या की है।

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