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Philippine: नेपाल-फ्रांस के बाद अब फिलीपींस में सरकार के खिलाफ आक्रोश, राष्ट्रपति ने लोगों से की शांति अपील

Mon, 15 Sep 2025 11:41 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 15 Sep 2025 11:41 AM IST
सार

Philippine Protest: पहले फ्रांस और फिर नेपाल में सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश बड़े पैमाने पर देखने को मिला है। इसमें जान-माल को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं अब फिलीपींस में भी सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। इस सब के बीच राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने सभी से शांति की अपील की है।

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Philippine president supports public outrage over corruption but says protests should be peaceful
फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर, फिलीपींस के राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देश में बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में फैले बड़े भ्रष्टाचार को लेकर जनता के गुस्से का समर्थन किया है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपने विरोध को खुलकर व्यक्त करें, लेकिन प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होने चाहिए। राष्ट्रपति मार्कोस ने वादा किया कि इस घोटाले की जांच एक स्वतंत्र आयोग करेगा और इसमें उनके राजनीतिक सहयोगियों को भी नहीं बख्शा जाएगा। टेलीविजन पर प्रसारित संसदीय सुनवाइयों में कई सांसदों, सरकारी इंजीनियरों और निर्माण कंपनियों पर भारी कमीशन खाने के आरोप लगे हैं।
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सोशल मीडिया पर गुस्सा, 21 सितंबर को प्रदर्शन
राष्ट्रपति ने इस घोटाले का जिक्र पहली बार जुलाई में अपने वार्षिक संबोधन में किया था। हाल के दिनों में नेपाल और इंडोनेशिया में हुए हिंसक प्रदर्शनों के विपरीत, फिलीपींस में अब तक विरोध प्रदर्शन छोटे और शांतिपूर्ण रहे हैं। अधिकतर गुस्सा सोशल मीडिया पर दिख रहा है, जहां कैथोलिक चर्च के नेता, कारोबारी और रिटायर्ड जनरल खुलकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं। 21 सितंबर को राजधानी मनीला में एक बड़े लोकतंत्र समर्थक स्मारक स्थल पर प्रदर्शन होने वाला है, जिसमें बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है। इसको देखते हुए पुलिस और सेना को अलर्ट पर रखा गया है।
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'मैं राष्ट्रपति न होता, तो सड़कों पर उनके साथ होता'
राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा, 'अगर मैं राष्ट्रपति न होता, तो शायद सड़कों पर उनके साथ होता। मैं भी गुस्से में हूं। उन्हें बताओ कि उन्होंने तुमसे कैसे चोरी की, कैसे तुम्हें चोट पहुंचाई, जोर से चिल्लाओ, प्रदर्शन करो, लेकिन सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से करो।' 


रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख बोले- सैनिक संविधान के प्रति वफादार
हालांकि सरकार ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग जनता के गुस्से का इस्तेमाल देश को अस्थिर करने के लिए कर सकते हैं। रक्षा मंत्री गिलबर्टो टियोडोरो और सेना प्रमुख जनरल रोमियो ब्राउनर ने साफ किया कि सेना 1,60,000 सैनिकों के साथ पूरी तरह गैर-राजनीतिक और संविधान के प्रति वफादार है।

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बाढ़ नियंत्रण परियोजना में क्या-क्या घोटाला?
इस घोटाले में सामने आया है कि कई परियोजनाएं अधूरी या सिर्फ कागजों पर ही मौजूद हैं। पिछले तीन वर्षों में बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं पर लगभग 54,500 करोड़ पेसो (करीब 9.6 अरब डॉलर) खर्च किए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि इस धन से कुछ नेताओं और अधिकारियों ने आलीशान मकान, महंगी यूरोपीय कारें और कैसिनो में जुए की आदत जैसी ऐशो-आराम की जिंदगी जी। राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा कि वह खुद इन परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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