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प्यू रिसर्च सेंटर: गंभीर बीमारियों के बजाय लाइफस्टाइल पर ज्यादा ध्यान दे रहे इन्फ्लुएंसर्स; क्या है मकसद?
Sun, 11 Oct 2026 08:01 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 11 Oct 2026 08:01 AM IST
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सोशल मीडिया पर हेल्थ और वेलनेस इन्फ्लुएंसर्स के पोस्ट को लेकर प्यू रिसर्च सेंटर ने एक बड़ा अध्ययन किया है। इंटरनेट पर स्वास्थ्य संबंधी सलाह देने वाले लोग (इन्फ्लुएंसर्स) ज्यादातर गंभीर बीमारियों या डॉक्टरी इलाज के बजाय लाइफस्टाइल (सजावट, फिटनेस और खान-पान) को बेहतर बनाने पर ज्यादा पोस्ट करते हैं।इसके साथ ही, उनका एक बहुत बड़ा मकसद अपने फॉलोअर्स को कोई न कोई सामान या सप्लीमेंट बेचना भी होता है। हर 100 में से लगभग 38 पोस्ट में किसी ब्रांड का प्रचार, सप्लीमेंट्स या कोई सर्विस बेचने की कोशिश होती है। लगभग सभी इन्फ्लुएंसर्स कभी न कभी ऐसा जरूर करते हैं।
स्वस्थ जीवन शैली पर केंद्रित होते हैं आधे से अधिक पोस्ट
इन्फ्लुएंसर्स के कुल पोस्ट में से आधे से अधिक पोस्ट स्वस्थ जीवन शैली जीने के तरीकों पर केंद्रित होते हैं। इसमें मुख्य रूप से फिटनेस, एक्सरसाइज रूटीन, वर्कआउट प्लान और जिम मोटिवेशन शामिल है।
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रिपोर्ट के मुताबिक इन्फ्लुएंसर्स दैनिक जीवन की अच्छी आदतें विकसित करना, शारीरिक रूप-रंग को सुधारना, ब्यूटी और स्किनकेयर टिप्स देने के साथ ही मेंटल हेल्थ और मानसिक तनाव को दूर रखने के उपाय भी बताते हैं।
एक-तिहाई पोस्ट में ही गंभीर बीमारियों पर चर्चा : सिर्फ एक-तिहाई पोस्ट में ही कैंसर, डिप्रेशन या डायबिटीज जैसी बीमारी या उसके इलाज पर चर्चा होती है। दिलचस्प बात यह है कि बीमारियों पर ज्यादातर वही बात करते हैं जो खुद असली डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल होते हैं। वहीं, लगभग एक-तिहाई (33%) पोस्ट्स का हेल्थ या वेलनेस से कोई लेना-देना नहीं होता है।