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ईरान युद्ध पर घिरी ट्रंप सरकार: सांसदों ने पूछा- कब खत्म होगा संघर्ष? हथियारों की कमी और खर्च पर भी तीखे सवाल

Tue, 12 May 2026 09:26 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 12 May 2026 09:26 PM IST
सार

क्या ईरान युद्ध अमेरिका के लिए नई सैन्य चुनौती बनता जा रहा है या फिर यह ट्रंप सरकार की राजनीतिक मुश्किलों को और बढ़ाने वाला है? बढ़ते युद्ध खर्च, घटते हथियार भंडार और साफ रणनीति के अभाव को लेकर अमेरिकी संसद में अब तीखे सवाल उठने लगे हैं।

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Pete Hegseth Faces Bipartisan Heat in Congress Over Iran War Costs and US Weapons Stockpile
ईरान युद्ध बना अमेरिका के लिए संकट की घंटी! - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका की राजनीति और रक्षा व्यवस्था में दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को कांग्रेस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। सवाल सिर्फ युद्ध की रणनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अमेरिका के घटते हथियार भंडार और अरबों डॉलर बढ़ती लागत को लेकर भी सरकार को घेरा गया।

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29 अरब डॉलर तक पहुंची युद्ध की लागत
पेंटागन के मुताबिक, ईरान युद्ध पर अब तक करीब 29 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा हथियारों की मरम्मत और नए हथियारों की खरीद पर खर्च हुआ है। पेंटागन अधिकारी जे हर्स्ट ने बताया कि करीब 24 अरब डॉलर सिर्फ मिसाइलों और अन्य सैन्य उपकरणों को बदलने और दुरुस्त करने में लगाए जा रहे हैं। बढ़ती लागत ने अमेरिकी संसद में ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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हथियारों की कमी पर घिरे हेगसेथ
सुनवाई के दौरान सांसदों ने पूछा कि क्या ईरान युद्ध के कारण अमेरिकी हथियार भंडार कमजोर हो रहा है। इस पर पीट हेगसेथ ने कहा कि स्थिति को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना के पास मौजूदा युद्ध और भविष्य के संघर्षों के लिए पर्याप्त मिसाइल रक्षा प्रणाली और हथियार मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने रक्षा उद्योग को तेजी से उत्पादन बढ़ाने के निर्देश देने की बात भी कही।
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कांग्रेस ने पूछा- आखिर लक्ष्य क्या है?
डेमोक्रेट सांसद रोजा डीलॉरो ने ट्रंप प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अब तक युद्ध को लेकर कोई स्पष्ट रणनीति पेश नहीं कर पाई है। उन्होंने सवाल किया कि इस संघर्ष से अमेरिका ने आखिर हासिल क्या किया और इसकी कीमत कितनी चुकानी पड़ेगी? रिपब्लिकन सांसदों ने भी चिंता जताई कि लंबे युद्ध से अमेरिकी सैन्य क्षमता और आर्थिक स्थिति दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।

ट्रंप सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिविधियां बढ़ाने के बाद वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। अमेरिका में ईंधन की कीमतें बढ़ने लगी हैं, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि आम लोगों को राहत देने के लिए फेडरल गैस टैक्स अस्थायी रूप से हटाया जा सकता है।


युद्ध खत्म करने की मांग तेज
अमेरिकी संसद में अब युद्ध को सीमित करने और स्पष्ट रणनीति तय करने की मांग जोर पकड़ रही है। कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी कहा है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि युद्ध की सीमा और अंतिम लक्ष्य क्या हैं। हालांकि ट्रंप प्रशासन अभी भी ईरान पर सख्त रुख बनाए हुए है और दावा कर रहा है कि उसका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

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