मुश्किलों का सिलसिला: कोरोना संक्रमण से उबरे मरीज नई स्वास्थ्य समस्याओं में घिरे
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- 20 लाख लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड से खुलासा
- 454477 में संक्रमण के बाद हुई नई दिक्कतें
- हल्के-बिना लक्षण वालों को ज्यादा हो रही दिक्कत
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विस्तार
कोरोना संक्रमण से परेशान रहे मरीजों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका में हुए एक अध्ययन से पता चला कि कोरोना को मात देने के बाद लाखों लोगों में पोस्ट कोविड के रूप में नई स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें हुई हैं। बीस लाख लोगों के स्वास्थ्य बीमा के रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद इसका पता चला है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन लोगों को कोरोना का हल्का लक्षण या कोई भी लक्षण नहीं था उनमें भी कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ दिखीं, जो पहले उन्हें कभी नहीं थी। फेयर हेल्थ के प्रेसिडेंट रॉबिन गिल्बर्ड का कहना है कि बीस लाख लोगों के स्वास्थ्य बीमा के रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद ये हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जो लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए वो ठीक होने के एक महीने या इससे अधिक समय बाद करीब एक तिहाई 23 फीसदी लोग नई तरह की स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे।
संक्रमण नई समस्याएं दे गया
- बच्चों से बुजुर्गों तक में पोस्ट कोविड तकलीफ
- तंत्रिका और मांसपेशी में दर्द, अनिद्रा, तनाव
- सांस संबंधी तकलीफ शुरू हुई या बढ़ी
- कोलेस्ट्रॉल में तेजी से इजाफा, उच्च रक्तचाप
- अच्छा महसूस न होना, थकान जैसी समस्याएं
- आंतों, माइग्रेन, त्वचा, हृदय संबंधी तकलीफें भी
हल्के-बिना लक्षण वालों को ज्यादा हो रही दिक्कत
रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों को अनिद्रा, तनाव और घबराहट, जैसी मानसिक तकलीफें भी देखी गई हैं। पोस्ट कोविड की तकलीफें उन लोगों में अधिक देखी गई हैं जिनको संक्रमण से कोई ज्यादा समस्या नहीं हुई। कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती हुए आधे मरीजों को कोई न कोई तकलीफ रही है। 27 फीसदी ने बताया उन्हें हल्के लक्षण जबकि 19 फीसदी ने बताया कि उन्हें कोई लक्षण नहीं थे।
- 30 दिन बाद नजर आए पोस्ट कोविड लक्षण फेयरफेथ ने फरवरी से दिसंबर 2020 तक संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों की स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं का अध्ययन किया और इस साल फरवरी तक इन लोगों पर नजर रखी है। इनमें 4,54,477 लोगों ने संक्रमण के 30 दिन बाद पोस्ट कोविड के लक्षणों को देख डॉक्टरी सलाह ली। संक्रमण को मात देने के बाद पोस्ट कोविड तकलीफों के कारण शोध में शामिल 594 मरीजों की मौत भी हुई।
- आधे लोगों को लक्षण नहीं फेयर हेल्थ के प्रेसिडेंट रॉबिन गिल्बर्ड बताते हैं कि अध्ययन में शामिल 19,59,982 लोगों में से आधे को कोरोना का कोई लक्षण महसूस नहीं हुआ। 40 फीसदी को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ी। सिर्फ एक फीसदी मरीजों में स्वाद और सूंघने की क्षमता प्रभावित हुई थी, केवल पांच फीसदी को भर्ती कराना पड़ा था।