फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Paramilitary forces attacks on Darfur city more than 800 people dead so far Sudan Civil War

Sudan Civil War: अर्धसैनिक बलों ने दारफुर शहर में की तोड़फोड़, अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत

Sun, 12 Nov 2023 04:04 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काहिरा Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 12 Nov 2023 04:04 AM IST
सार

हिंसक घटनाओं की जड़ें तीन साल पहले हुए तख्तापलट से जुड़ी हैं। दरअसल, अप्रैल 2019 में एक विद्रोह के बीच सैन्य जनरलों द्वारा लंबे समय से शासन कर रहे निरंकुश शासक उमर अल-बशीर को सत्ता से बेदखल कर दिया था। तब से सेना एक संप्रभु परिषद के माध्यम से देश चला रही है।

विज्ञापन
Paramilitary forces attacks on Darfur city more than 800 people dead so far Sudan Civil War
सूडान सेना - फोटो : twitter

विस्तार

सुडान में गृहयुद्ध जारी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सुडान के अर्धसैनिक बल और उसके सहयोगी अरब मिलिशिया के लड़ाकों ने सुडान के युद्धग्रस्त क्षेत्र दारफुर के एक शहर में तोड़फोड़ की। युद्ध में अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। बता दें, सुडानी सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच कई महीनों से युद्ध चल रहा है।

विज्ञापन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर के अंत में सऊदी अरब में दोनों पक्ष साथ आए थे। बावजूद इसके आरएसएफ दारफुर में आगे बढ़ गया और पूरे शहर और आस-पास के इलाकों पर कब्जा कर लिया। इस वजह से अमेरिका और सऊदी की अध्यक्षता में हुई मध्यस्थता की पहली बैठक विफल हो गई। सूडानी डॉक्टर यूनियन के प्रमुक सलाह टूर ने कहा कि आरामदाता में कई दिनों तक अर्धसैनिक बलों ने हमला किया था, जिसके बाद उसने एक सैन्य अड्डे पर कब्जा कर लिया। सेना बेस से भाग गई थी और दर्जनों सैनिक घायल हो गए थे।

विज्ञापन

सूडान में जारी हिंसा की वजह क्या है?
हिंसक घटनाओं की जड़ें तीन साल पहले हुए तख्तापलट से जुड़ी हैं। दरअसल, अप्रैल 2019 में एक विद्रोह के बीच सैन्य जनरलों द्वारा लंबे समय से शासन कर रहे निरंकुश शासक उमर अल-बशीर को सत्ता से बेदखल कर दिया था। तब से सेना एक संप्रभु परिषद के माध्यम से देश चला रही है। सेना और आरएसएफ प्रतिद्वंद्विता राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के शासन के समय से चली आ रही है। ताजा झड़प की वजह ये है कि सूडान की सेना का मानना है कि आरएसएफ, अर्द्धसैनिकल बल के तहत आती है और उसे सेना में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

भारत ने सूडान हिंसा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कुछ महीने पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बयान में कहा था कि खार्तूम में हालात बेहद चिंताजनक हैं और भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं, एक भारतीय की मौत पर जयशंकर ने कहा कि वे इसे लेकर काफी दुखी हैं और दूतावास परिवार को सारी मदद मुहैया कराने की कोशिश में है। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा था कि वह भारतीय नागरिक की मौत से आहत हैं। भारतीय दूतावास आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पीड़ित परिवार और चिकित्सा विभाग के संपर्क में है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed