Papua New Guinea: पापुआ न्यू गिनी में 64 लोगों का नरसंहार, बदमाशों ने एके-47 और एम-4 से बरसाईं गोलियां
पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी जॉर्ज काकास ने कहा, यह अब तक की सबसे बड़ी नरसंहार जैसी घटना है। संघर्ष की वारदात उन्हीं जनजातियों से जुड़ी है जिनके चलते गत वर्ष एंगा प्रांत में 60 मौतें हुई थीं। यह बहुत घृणित है।
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पापुआ न्यू गिनी के उत्तरी हाइलैंड्स में कम से कम 64 लोगों का नरसंहार हुआ है। यहां एंगा प्रांत के वापेनमांडा जिले में भड़की हिंसा के दौरान एम्बुलिन और सिकिन जनजातियों के बीच एके-47 और एम-4 राइफल जैसे हथियारों के साथ संघर्ष हो गया। सोमवार सुबह तक सड़क के किनारे, घास के मैदानों और वेपेनमांडा की पहाड़ियों पर 64 शव बिखरे पड़े मिले।
पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी जॉर्ज काकास ने कहा, यह अब तक की सबसे बड़ी नरसंहार जैसी घटना है। संघर्ष की वारदात उन्हीं जनजातियों से जुड़ी है जिनके चलते गत वर्ष एंगा प्रांत में 60 मौतें हुई थीं। यह बहुत घृणित है। पुलिस को घटनास्थल से ग्राफिक वीडियो और तस्वीरें मिलीं, जिसमें सड़क के किनारे और एक फ्लैटबेड ट्रक के पीछे ढेर में खून से लथपथ शव पड़े हुए थे। एजेंसी ने कहा कि सेना ने क्षेत्र में लगभग 100 सैनिकों को तैनात किया है, लेकिन उनका प्रभाव सीमित है, सुरक्षा सेवाओं की संख्या कम और बंदूकें कम हैं।
सैनिकों की त्वरित तैनाती भी शामिल
राजधानी पोर्ट मोरेस्बी में, प्रधानमंत्री जेम्स मारा की सरकार के विरोधियों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसमें प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों की त्वरित तैनाती भी शामिल है। उन्होंने सरकार से हिंसा में योगदान देने वाले आग्नेयास्त्रों और गोला-बारूद के स्रोतों की जांच करने का आग्रह किया। इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी हालात की गंभीरता को स्वीकारते हुए, संकटपूर्ण घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे बेहद परेशान करने वाली खबर बताया। पिछले महीने देश में हुए दंगों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी।