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महामारी: शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा-विश्व झेल रहा सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकट, तैयारी में कमी सबसे बड़ी नाकामी

Mon, 21 Jun 2021 03:58 PM IST
सुरेंद्र जोशी वाशिंगटन, पीटीआई
वाशिंगटन, पीटीआई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 21 Jun 2021 03:58 PM IST
सार

दुनिया की 20 बड़ी दवा कंपनियों में से एक टाकेडा फार्मा के आर एंड डी प्रमुख एंड्र्यू प्ल्म्प ने कोरोना महामारी से निपटने में तंत्र की विफलता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 हमारी पीढ़ी या हमसे पहले की पीढ़ी के लिए सबसे बुरा स्वास्थ्य संकट रहा है। दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है वह भयावह है।
 

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pandemic: Top American scientist said - the world is facing the most serious health crisis, lack of preparation is the biggest failure
दुनिया में कोरोना (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

विस्तार

दुनिया की शीर्ष 20 सबसे बड़ी दवा कंपनियों में शामिल एक कंपनी की अनुसंधान शाखा का नेतृत्व करने वाले एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कोविड-19 को हाल के समय का सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकट बताया है। उन्होंने कहा है कि महामारी के खिलाफ तैयारियों में कमी हमारी सामूहिक तंत्र की 'सबसे बड़ी नाकामी' रही है।

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टाकेडा फार्मास्युटिकल कंपनी लिमिटेड में आर एंड डी के अध्यक्ष डॉ एंड्रयू प्लम्प ने पीटीआई से चर्चा में कहा, 'मैं किसी पर भी उंगली नहीं उठाना चाहता। एक तरह से यह हमारी व्यवस्था की नाकामी है। आप दलील दे सकते हैं कि कोविड-19 के खिलाफ हमारी कार्रवाई हमारी व्यवस्था की सबसे बड़ी सफलता है, लेकिन वहीं यह संभवत: हमारी सबसे बड़ी सामूहिक नाकामी भी है जो हमारी तैयारियों में कमी के कारण रही है।'
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भारत-अमेरिका बायोफार्मा और स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन से पूर्व कही यह बात
बोस्टन के यूएसए इंडिया चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स (यूएसएआईसी) द्वारा 22 जून को आयोजित किए जा रहे 15वें वार्षिक भारत-अमेरिका बायोफार्मा और स्वास्थ्य देखभाल शिखर सम्मेलन से पहले डॉ प्लम्प ने कहा कि यह महामारी हमारी पीढ़ी या हमसे पहले की पीढ़ी के लिए सबसे बुरा स्वास्थ्य संकट रहा है। दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है वह भयावह है। हालांकि इसमें आशा की किरण भी दिखी है और भविष्य के लिए हम इससे निश्चित रूप से सीख भी ले सकते हैं।
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कुछ मायने में भाग्यशाली रहे, बड़ी क्षति नहीं हुई
उन्होंने कहा, 'मैं समझता हूं कि सबसे अहम सीख यह है कि अतीत से सीख लें। हम जानते हैं कि महामारी आने वाली है और वास्तव में इस वक्त कुछ मायने में हम भाग्यशाली रहे हैं। इस महामारी से जितना नुकसान हो सकता था उसकी तुलना में बड़ी क्षति नहीं हुई है, जो अनुमान से अधिक बुरा हो सकता था।' हाल में स्टैट वेबसाइट में एक विचार लेख में उन्होंने लिखा था कि वैसे तो कोविड-19 महामारी मानवीय और स्वास्थ्य आपदा रही है, लेकिन वैज्ञानिक उपायों के चलते इस वक्त दुनिया भाग्यशाली रही।


पिछले साल स्थापित कोविड आर एंड डी अलायंस के सह-संस्थापक डॉ प्लम्प ने कहा कि महामारी को भी उतना ही महत्व देने की आवश्यकता है, जितना सरकारें रक्षा को देती हैं।

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