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Palestine: इस्राइल के बाद अब फलस्तीन में भी अल जजीरा के प्रसारण पर रोक, भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने का आरोप
Thu, 02 Jan 2025 10:16 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामल्लाह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामल्लाह
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 02 Jan 2025 10:16 AM IST
सार
फलस्तीनी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है, 'इस फैसले में फलस्तीनी कानूनों और विनियमों के उल्लंघन के कारण अल जजीरा के सभी पत्रकारों, कर्मचारियों, क्रू और संबद्ध चैनलों के काम को अस्थायी रूप से रोकना भी शामिल है।'
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अल जजीरा
- फोटो : एएनआई
विस्तार
एक चौंकाने वाले फैसले के तहत फलस्तीनी प्रशासन ने भी कतर के अल जजीरा मीडिया चैनल के प्रसारण पर रोक लगा दी। फलस्तीनी प्रशासन का कहना है कि अल जजीरा उकसावे वाली सामग्री का प्रसारण कर रहा था। फलस्तीन की सरकारी मीडिया एजेंसी ने एक बयान जारी कर कहा कि 'संस्कृति, आंतरिक और संचार मंत्रालयों वाली विशेष मंत्रिस्तरीय समिति ने अल जजीरा के प्रसारण को निलंबित करने और फलस्तीन में इसके कार्यालय की सभी गतिविधियों को रोकने का फैसला किया है।'
फलस्तीनी प्रशासन ने अल जजीरा के प्रसारण पर लगाई रोक
फलस्तीनी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है, 'इस फैसले में फलस्तीनी कानूनों और विनियमों के उल्लंघन के कारण अल जजीरा के सभी पत्रकारों, कर्मचारियों, क्रू और संबद्ध चैनलों के काम को अस्थायी रूप से रोकना भी शामिल है।' फलस्तीनी प्रशासन ने कहा कि अल जजीरा द्वारा लगातार भड़काऊ सामग्री और गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। यह देशद्रोह और फलस्तीन के आंतरिक मामलों में दखल है। जिसके बाद प्रशासन ने चैनल के कामकाज को निलंबित करने का फैसला किया है। फलस्तीन के रामल्लाह स्थित अल जजीरा के नेटवर्क कार्यालय ने भी इस निलंबन की पुष्टि की है और कहा कि उन्हें इस संबंध में आदेश प्राप्त हुआ है।
हमास ने फैसले की आलोचना की
हमास ने एक बयान जारी कर अल जजीरा के प्रसारण पर रोक की आलोचना की है। हमास ने कहा कि 'यह फैसला फलस्तीनी प्राधिकरण की मनमानी को दर्शाता है और यह सार्वजनिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं को कम करना और फलस्तीनी लोगों पर अपनी सुरक्षा पकड़ को मजबूत करने के चलते लिया गया है।' हमास ने कहा कि हम फलस्तीनी प्राधिकरण से तुरंत इस फैसले को वापस लेने की मांग करते हैं। मीडिया कवरेज की निरंतरता जरूरी है और इससे कब्जे को उजागर करने में मदद मिलती है।
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फलस्तीनी प्राधिकरण ने क्यों लगाई रोक?
इस्राइल द्वारा अक्सर अल जजीरा चैनल पर पक्षपाती रिपोर्टिंग करने और उकसावे वाली सामग्री का प्रसारण करने का आरोप लगाया जाता है। यही वजह है कि इस्राइल में भी अल जजीरा पर रोक है, लेकिन अब फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा भी इस पर रोक लगाना चौंकाता है। दरअसल फलस्तीन के जेनिन इलाके में राष्ट्रपति महमूद अब्बास के फतह आंदोलन और हमास और अन्य आतंकी गुटों के बीच झड़पें जारी हैं। अल जजीरा द्वारा इन झड़पों का प्रसारण करने के चलते राष्ट्रपति अब्बास कथित तौर पर अल जजीरा से नाराज बताए जा रहे थे। अब्बास ने दिसंबर के अंत में चैनल की कड़ी निंदा की थी।
गौरतलब है कि फलस्तीन के पश्चिमी तट क्षेत्र पर फलस्तीनी प्राधिकरण का नियंत्रण है, जबकि गाजा पर हमास का कब्जा था। गाजा में इस्राइली हमलों के चलते हमास समर्थक पश्चिमी तट के जेनिन पहुंच गए हैं, जिसके चलते हमास समर्थकों और फलस्तीनी प्राधिकरण के सुरक्षाबलों के बीच झड़पें बढ़ गई हैं। बीते कुछ दिनों में हुईं झड़पों में जेनिन में सुरक्षा कर्मियों, उग्रवादियों और नागरिकों समेत 11 लोगों की मौत हुई है।
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फलस्तीनी प्रशासन ने अल जजीरा के प्रसारण पर लगाई रोक
फलस्तीनी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है, 'इस फैसले में फलस्तीनी कानूनों और विनियमों के उल्लंघन के कारण अल जजीरा के सभी पत्रकारों, कर्मचारियों, क्रू और संबद्ध चैनलों के काम को अस्थायी रूप से रोकना भी शामिल है।' फलस्तीनी प्रशासन ने कहा कि अल जजीरा द्वारा लगातार भड़काऊ सामग्री और गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। यह देशद्रोह और फलस्तीन के आंतरिक मामलों में दखल है। जिसके बाद प्रशासन ने चैनल के कामकाज को निलंबित करने का फैसला किया है। फलस्तीन के रामल्लाह स्थित अल जजीरा के नेटवर्क कार्यालय ने भी इस निलंबन की पुष्टि की है और कहा कि उन्हें इस संबंध में आदेश प्राप्त हुआ है।
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हमास ने फैसले की आलोचना की
हमास ने एक बयान जारी कर अल जजीरा के प्रसारण पर रोक की आलोचना की है। हमास ने कहा कि 'यह फैसला फलस्तीनी प्राधिकरण की मनमानी को दर्शाता है और यह सार्वजनिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं को कम करना और फलस्तीनी लोगों पर अपनी सुरक्षा पकड़ को मजबूत करने के चलते लिया गया है।' हमास ने कहा कि हम फलस्तीनी प्राधिकरण से तुरंत इस फैसले को वापस लेने की मांग करते हैं। मीडिया कवरेज की निरंतरता जरूरी है और इससे कब्जे को उजागर करने में मदद मिलती है।
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फलस्तीनी प्राधिकरण ने क्यों लगाई रोक?
इस्राइल द्वारा अक्सर अल जजीरा चैनल पर पक्षपाती रिपोर्टिंग करने और उकसावे वाली सामग्री का प्रसारण करने का आरोप लगाया जाता है। यही वजह है कि इस्राइल में भी अल जजीरा पर रोक है, लेकिन अब फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा भी इस पर रोक लगाना चौंकाता है। दरअसल फलस्तीन के जेनिन इलाके में राष्ट्रपति महमूद अब्बास के फतह आंदोलन और हमास और अन्य आतंकी गुटों के बीच झड़पें जारी हैं। अल जजीरा द्वारा इन झड़पों का प्रसारण करने के चलते राष्ट्रपति अब्बास कथित तौर पर अल जजीरा से नाराज बताए जा रहे थे। अब्बास ने दिसंबर के अंत में चैनल की कड़ी निंदा की थी।
गौरतलब है कि फलस्तीन के पश्चिमी तट क्षेत्र पर फलस्तीनी प्राधिकरण का नियंत्रण है, जबकि गाजा पर हमास का कब्जा था। गाजा में इस्राइली हमलों के चलते हमास समर्थक पश्चिमी तट के जेनिन पहुंच गए हैं, जिसके चलते हमास समर्थकों और फलस्तीनी प्राधिकरण के सुरक्षाबलों के बीच झड़पें बढ़ गई हैं। बीते कुछ दिनों में हुईं झड़पों में जेनिन में सुरक्षा कर्मियों, उग्रवादियों और नागरिकों समेत 11 लोगों की मौत हुई है।