आईएमएफ से कर्ज का फैसला लेकर घिरे पाकिस्तानी पीएम, शरीफ बोले- इमरान ने देश को बेच डाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान की इमरान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष(आईएमएफ) से कर्ज लेने का फैसला लिया है, जिसके विरोध में पाकिस्तान में शनिवार को आम आदमी से लेकर व्यापारी तक सड़क पर उतर आए। ऐसे में प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इधर, पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज) प्रमुख शहबाज शरीफ ने पीएम इमरान पर जनादेश चुरा कर सरकार बनाने और आईएमएफ के हाथों देश बेच देने के गंभीर आरोप लगाए।
दरअसल, पाकिस्तान की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए इमरान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से कर्ज लेने का फैसला किया, लेकिन मंजूरी मिलने के बाद भी कर्ज की शर्तों ने पाकिस्तानियों में बेचैनी पैदा कर दी है। इस कारण पाकिस्तानी नागरिकों ने शनिवार इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के तमाम बड़े शहर शनिवार को बंद रहे और पाकिस्तान के अन्य विपक्षी दलों ने भी इस बंद को समर्थन दिया।
'नवाज शरीफ को रिहा करे सरकार, वही उबारेंगे'
पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज) के अध्यक्ष और पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाई शहजाब शरीफ ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के आरोप में सजा काट रहे उनके भाई ने अपने कार्यकाल के दौरान देश में ऐसी स्थिति नहीं आने दी थी। नवाज शरीफ की रिहाई की मांग करते हुए उन्होंने दावा किया कि केवल नवाज ही हैं, जो पाकिस्तान और यहां की जनता का भला कर पाने की कूवत रखते हैं।
...टैक्स में घटेगी राहत, नौकरियां भी घटेंगीं
गौरतलब है कि पाकिस्तान की सरकार अभी तक जनता को जो करों में राहत दे रही थी, उसे वापस लेना होगा। इसके अलावा नए करों को लागू करना है। यही नहीं, आईएमएफ का कहना है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान की सरकार को सरकारी नौकरियों में भी कटौती करनी होगी, ताकि सरकार पर आर्थिक बोझ कम हो सके। जिसके बाद से ही विरोध हो रहा है।
कारोबारियों का विरोध- बल प्रयोग क्यों कर रहे
बंद पर कारोबारी संगठनों का कहना है कि उन्हें इससे आपत्ति नहीं है कि सरकार कर दायरे को बढ़ाना चाहती है, लेकिन यहां बल प्रयोग किया जा रहा है जो मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में उद्योग-धंधों की हालत खस्ता है।
कारोबारियों के संगठन ऑल पाकिस्तान मरकजी अंजुमन-ए-ताजिरान के अध्यक्ष अजमल बलोच ने इस्लामाबाद में कहा कि यह हड़ताल सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि आईएमएफ के निर्देश पर बजट में किए गए ‘कारोबारी विरोधी’ कर प्रावधान के खिलाफ है।