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Pakistan Floods: बाढ़ के बाद बीमारियों ने की हालत खराब, पाकिस्तान को मच्छरदानी के लिए भारत से मदद की आस

Thu, 22 Sep 2022 10:18 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 22 Sep 2022 10:18 PM IST
सार

बाढ़ के कारण मलेरिया के मामले बढ़ने के बाद पाकिस्तान के हालात बेहद खराब हैं। ऐसे में वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने भारत से मच्छरदानी आयात करने के लिए सरकार की अनुमति मांगी है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को ‘दूसरी आपदा’ बताया है।
 

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Pakistani health authorities seek government permission to import mosquito nets from India
पाकिस्तान में बाढ़ के बाद के हालात - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान में अब बाढ़ पीड़ित इलाकों में पानी के जमाव के कारण होने वाली बीमारियों का कहर टूट रहा है। पड़ोसी देश में इन बीमारियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। वहां के अधिकारियों कहा कहना है कि हालात बेकाबू हो रहे हैं। इसी बीच, पाकिस्तान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को भारत से करीब 71 लाख मच्छरदानी खरीदने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। 

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भारत से मच्छरदानी खरीदने को विवश पाकिस्तान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, विनियम और समन्वय ने वाणिज्य मंत्रालय से भारत से लगभग 7.1 मिलियन मच्छरदानी खरीदने की अनुमति मांगी है। अधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घातक मलेरिया के हमले के बाद हुआ है। 
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एनएचएस अधिकारी ने कहा कि हमने भारत से मच्छरदानी खरीद की अनुमति देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखा है। अगर अनुमति दी जाती है, तो ग्लोबल फंड ने हमें कुछ दिनों के भीतर मच्छरदानी की आवश्यक संख्या की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि ग्लोबल फंड राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के लिए प्रमुख दाता है। पाकिस्तान के कई हिस्सों में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण अब तक 1,500 से अधिक लोगों की जान गई है। इसके साथ ही  विभिन्न प्रकार के जल जनित और वेक्टर जनित रोगों में वृद्धि हुई है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सिंध और बलूचिस्तान के बाढ़ प्रभावित जिलों में मलेरिया परीक्षण किट, मलेरिया-रोधी दवाओं और मच्छरदानी की सख्त जरूरत है। य़हां पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में मलेरिया के सबसे घातक प्रकार प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं। 

गर्भवती महिलाएं आश्रय शिविरों में रहने को मजबूर
मीडिया रिपोर्टेस में प्रांतीय स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान में बाढ़ से प्रभावित 47,000 से अधिक गर्भवती महिलाएं सिंध प्रांत में आश्रय शिविरों में रहने को मजबूर हैं। सिंध की स्वास्थ्य मंत्री अजरा पेचुहो ने बाढ़ से प्रभावित महिलाओं के आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद हजारों की संख्या में लोग बीमारी से पीड़ित मिले हैं।
 
550 से अधिक बच्चों की जा चुकी है जान
बारिश और बाढ़ ने पहले ही 550 से अधिक बच्चों की जान ले ली है। बलूचिस्तान में यूनिसेफ पाकिस्तान के मुख्य क्षेत्र अधिकारी गेरिडा बिरुकिला ने कहा कि बाढ़ से जल जनित बीमारी पैदा होने से डर है कि और बच्चे अपनी जान न गंवा दें। दुनियाभर को एक साथ पाकिस्तान में बच्चों की मदद करने की जरूरत है। पाकिस्तान के एक अखबार ने मंगलवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के प्रतिनिधि के हवाले से कहा कि पाकिस्तान में हर उस बच्चे को जीवन रक्षक स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा सेवाएं मुहैया कराकर जीवन बचा सकते हैं, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। विनाशकारी बाढ़ ने पाकिस्तान में 3.4 मिलियन से अधिक बच्चों को उनके घर से बेघर कर दिया है। 


विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया ‘दूसरी आपदा’ 
हाल के हफ्तों में भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण पाकिस्तान के कई इलाकों में तीन बार भीषण बाढ़ आई। बारिश और बाढ़ के कारण 1,559 लोग मारे गए, जिनमें 551 बच्चे भी हैं। अब बाढ़ का कहर थम गया है, लेकिन उसकी वजह से फैली बीमारियों से बड़ी संख्या में लोग पीड़ित हो रहे हैं। सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि बाढ़ पीड़ित इलाकों में मलेरिया, डेंगू, त्वचा और आंख के संक्रमण, और गंभीर डायरिया का प्रकोप व्यापक रूप से फैला हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को ‘दूसरी आपदा’ बताया है।

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