पाकिस्तानी सरकार आजादी मार्च से घबराई, मौलाना डीजल पर महिला ने दर्ज कराया मुकदमा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान की इमरान सरकार के खिलाफ सिर दर्द बन चुके मौलाना फजलुर रहमान के खिलाफ पुलिस ने रविवार को मुकदमा दर्ज किया है। मौलाना पर प्रधानमंत्री, सरकारी संस्थानों के खिलाफ लोगों को भड़काने के लिए यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला ने कहा कि मौलाना और उनके समर्थक अशांति फैलाने और देशद्रोह के दोषी हैं। इसलिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए। इस बीच, मौलाना ने इमरान को इस्तीफा देने के लिए मोहलत दी थी।
इमरान के खिलाफ आजादी मार्च का नेतृत्व कर रहे जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम फज्ल (जेयूआई-एफ) प्रमुख मौलाना रहमान और उनके हजारों समर्थक राजधानी इस्लामाबाद में डटे हुए हैं। वे किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आम चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए मौलाना ने इमरान को 48 घंटे में इस्तीफा देने का समय दिया था, जिसे उन्होंने 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया था।
लगातार छह घंटे चली बैठक के बाद मौलाना ने इसकी घोषणा की। वह विपक्षी दलों पीपीपी और पीएमएल (एन) के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। सरकार विरोधी मार्च को समर्थन दे रहे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो ने प्रधानमंत्री को घेरते हुए इमरान सरकार को अवैध करार दिया।
उन्होंने कहा कि इस विरोध मार्च को हमारी पार्टी समर्थन देती रहेगी। हम प्रधानमंत्री से इस्तीफे मांग करते हैं। जेयूआई-एफ के नेता सलाउद्दीन अयूबी ने कहा कि इमरान को देश पर दया दुखाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। मौलाना के इस विरोध मार्च को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पीएमएल (एन) का भी समर्थन हासिल है।
इस्लामाबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा
हिंसा की आशंका को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। माना जा रहा है कि मौलाना और उनके समर्थक अति संवेदनशील माने जाने वाले जीरो प्वाइंट की ओर बढ़ सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त 5 हजार जवानों को तैनात किया गया है। डीआईजी और आईजी रैंक अधिकारियों ने रविवार को राजधानी की सुरक्षा का जायजा लिया।
मंत्री ने मार्च को बताया विफल
प्रधानमंत्री इमरान ने गृह मंत्रालय को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार के बड़बोले मंत्री फवाद चौधरी ने मौलाना के विरोध मार्च को असफल करार दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मौलाना के ‘हलवा मार्च’ की विफलता पाकिस्तान की जीत है। यह देश के भविष्य की जीत है।’
बातचीत का दिया प्रस्ताव
इस बीच, पंजाब प्रांत के विधानसभा स्पीकर चौधरी परवेज इलाही ने विरोध मार्च की अगुआई कर रहे जेयूआई-एफ प्रमुख से संपर्क किया और उन्हें बातचीत का प्रस्ताव दिया। इलाही ने कहा कि वे सौहार्दपूर्ण और बातचीत के जरिए इस मुद्दे का हल चाहते हैं। मौलाना ने कहा कि वह पार्टी सदस्यों से चर्चा के बाद ही स्पीकर के प्रस्ताव पर कोई फैसला करेंगे।