Pakistan: पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने खारिज की ब्रिटिश गृह सचिव की टिप्पणी, पढ़िए, क्या है पूरा विवाद
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा कि कुछ लोगों के गलत व्यवहार को सुएला ने पूरे समुदाय का प्रतिनिधि बना दिया। उन्हें गलत तरीके से पेश किया था। बलूच का कहना है कि ब्रेवरमैन ब्रिटिश-पाकिस्तानियों के सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक योगदान को ढंग से पहचान नहीं पाईं।
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पाकिस्तान ने ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन की टिप्पणी को खारिज कर दिया है। पिछले हफ्ते सुएला ने कहा था कि पाकिस्तानी-ब्रिटिश लोग अपनी संस्कृति को इंग्लैंड के मूल्यों के उलट मानते हैं। इसका जवाब जवाब देते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा कि सुएला ब्रिटिश पाकिस्तानियों को टार्गेट कर रही हैं। वे भ्रामक तस्वीरें पेश कर रही हैं।
विदेश मंत्रालय ने खारिज की टिप्पणी
मुमताज ने कहा कि कुछ लोगों के गलत व्यवहार को सुएला ने पूरे समुदाय का प्रतिनिधि बना दिया। उन्हें गलत तरीके से पेश किया था। बलूच का कहना है कि ब्रेवरमैन ब्रिटिश-पाकिस्तानियों के सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक योगदान को ढंग से पहचान नहीं पाईं। बाल यौन शोषण से खिलाफ यूके सरकार की योजनाओं के बारे में बात करते हुए सुएला ने ब्रिटिश-पाकिस्तानी पुरुषों पर निशाना साधा है। वे ब्रिटिश मुल्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी सहेज कर रखते हैं।
सुएला ने कहा था कि ब्रिटिश-पाकिस्तानी पुरुष महिलाओं को गंदे और नाजायज तरीके से देखते हैं। हमारे व्यवहार को वे एक पुराने ख्यालों के साथ ही देखते हैं। ब्रेवरमैन ने रॉदरहैम शहर का हवाला भी दिया था। बता दें, शहर एक बाल यौन शोषण कांड के कारण चर्चाओं में आया था। यहां पांच ब्रिटिश-पाकिस्तानी पुरुषों को लड़कियों को तैयार करने, उनके साथ दुष्कर्म करने और उनका शोषण करने का दोषी माना था।
सुनक ने शुरू की नई टास्कफोर्स
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सोमवार को बाल शोषण के खिलाफ एक नई टास्क फोर्स शुरू की है। इसमें विशेषज्ञ अधिकारी शामिल होंगे, जो जीवित बाल यौन शोषण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस बलों की मदद करेंगे। सुएला की टिप्पणी के बाद सुनक ने यह फैसला लिया। ब्रिटेन में लगभग 1.5 मिलियन से अधिक पाकिस्तानी समुदाय के लोग रहते हैं। इनमें अधिकतर दूसरी पीढ़ी के नागरिक हैं, जो ब्रिटेन में ही पैदा हुए और पले-बढ़े हैं।