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जब नीतीश पहुंचे मोहनजोदड़ो
बीबीसी हिंदी
Updated Mon, 12 Nov 2012 07:19 PM IST
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पाकिस्तान के दौरे पर गए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार के सिंध प्रांत के अंदरूनी इलाक़ों का दौरा किया। वे एक मंदिर में गए और उन्होंने एक हिंदू पंचायत को भी संबोधित किया। उन्होंने प्रसिद्ध प्राचीन ऐतिहासिक स्थल और सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख केंद्र समझे जाने वाले मोहनजोदड़ो की भी यात्रा की।
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वे लरकाना में भुट्टो परिवार के पुश्तैनी घर गढ़ी ख़ुदा बख़्श और सक्कर में साध बेलो के डेरे पर भी गए। क़रीब पांच हज़ार साल पुराने ऐतिहासिक स्थल मोहनजोदड़ो में नीतीश ने कहा कि भारत और पाकिस्तान का इतिहास सांझा है और इसलिए दोनों देशों को पूरे क्षेत्र में मिलजुल कर काम करना चाहिए।
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'शांति का संदेश'
नीतीश कुमार ने कहा, “दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध हमारे इतिहास के केंद्र में है। हमें एक साथ शांतिपूर्वक तरीके और सुशासन के साथ रहना होगा।” नीतीश कुमार नौ नवंबर को कराची पहुंचे थे और वे अब लाहौर और उसके बाद इस्लामाबाद का दौरा भी करेंगे।
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सिंध के अंदरूनी इलाके में हिंदू पंचायत को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, "मैं भारत से शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश लाया हूं।" उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के यहां आने-जाने में बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि संबंधों में सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री लरकाना के गढ़ी ख़ुदा बख़्श क़स्बे में भी गए जो भुट्टो परिवार के पैतृक स्थान है। उन्होंने कहा कि ये परिवार हमेशा से ही लोकतंत्र और संसदीय व्यवस्था का हामी रहा है। इससे पहले सिंध सरकार ने कराची के मोहट्टा पैलेस में एक बड़े समारोह में नीतीश कुमार का स्वागत किया।