करतारपुर कॉरिडोर : सिद्धू पर इमरान ने लुटाया दिल, कहा- पाकिस्तान में हिंदुस्तान खड़ा है
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भारत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को अपनी सीमा के करीब स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी वहां पहुंचे हुए हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और हरसिमरत कौर बादल अटारी-वाघा बॉर्डर से इस कार्यक्रम में शामिल होने पाकिस्तान पहुंचे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि मैं इस यात्रा का हिस्सा बनकर सुखद महसूस कर रहा हूं। सालों बाद आज में करतारपुर साहिब के दर्शन करुंगा और इसके लिए मैं दोनों देशों का आभारी हूं।
इमरान भी हुए भावुक, कहा पाकिस्तान में हिंदुस्तान खड़ा है
सिद्धू की तारीफ करते हुए कार्यक्रम में इमरान खान भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि आज लग रहा है कि पाकिस्तान में हिंदुस्तान खड़ा है। उन्होंने कहा कि मैंने 21 साल क्रिकेट खेला और 22 साल सियासत की और इन वर्षों में मैंने सिद्धू जैसा दोस्त पाया और इससे लगता है कि इंसानियत जिंदा है। इमरान खान ने कहा कि मैं आज यह कहना चाहता हूं कि अगर भारत एक कदम आगे बढ़ाएगा तो हम दो कदम आगे बढ़ाएंगे।
इमरान खान इस दौरान काफी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि जब मैं सियासत में आया तो ऐसे लोगों से मिला जो बस अपने लिए ही काम कर रहे थे उन्हें आवाम से कोई लेना-देना नहीं होता था। उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान-हिंदुस्तान जहां खड़ा है, 70 साल से दोनों देशों के बीच ऐसा ही हो रहा है। और जहां तक गलतियों की बात है दोनों तरफ से गलतियां हुईं हैं लेकिन हम जबतक आगे नहीं बढ़ेंगे तो ये जंजीर टूटेगी नहीं।
इमरान ने कहा कि हम एक कदम आगे बढ़कर दो कदम पीछे हट जाते हैं, लेकिन रिश्ते ठीक करने के लिए हम प्रयास नहीं करते हैं। अगर फ्रांस-जर्मनी एक साथ आ सकते हैं, तो फिर पाकिस्तान-हिंदुस्तान ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा मसला सिर्फ कश्मीर का है, इंसान चांद पर पहुंच चुका है लेकिन हम एक मसला हल नहीं कर पा रहे हैं। ये मसला तभी हल हो पाएगा जब हम पक्का फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि जब पिछली बार सिद्धू वापस गए तो इनकी काफी आलोचना हुई, लेकिन एक इंसान जो शांति का पैगाम लेकर आया है वो क्या जुर्म कर रहा है। हमारे दोनों के पास एटमी हथियार है, तो इनके बीच जंग हो ही नहीं सकती है। दोनों देशों के बीच जंग का सोचना पागलपन है।
इस मौके पर उन्होंने एक बार फिर भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने की बात कही। इमरान बोले कि तीन महीने पहले जब सिद्धू पाकिस्तान आए थे तो उनकी भारत में बहुत आलोचना हुई थी। मैं इससे बहुत विचलित भी हुआ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत दोनों ही परमाणु संपन्न देश हैं और हम दोनों देश एक दूसरे के दुश्मन नहीं हो सकते हैं। और जब हम दुश्मन नहीं हो सकते तो दोस्ती ही हमारे बीच बचती है।
इसी-बीच उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के प्रधानमंत्री बनने की दुआएं भी मांग लीं और कहा कि हम अब इंतजार नहीं कर सकते कि जब सिद्धू भारत के वजीरेआजम बनेंगे तभी भारत और पाक की दोस्ती होगी।
नवजोत सिंह सिद्धू ने लूटा पाकिस्तानियों का दिल
शिलान्यास के बाद नवजोत सिंह काफी जोश में नजर आए और उन्होंने इस मौके पर कहा कि मैं यहां नानक साहब का पैगाम लेकर आया हूं। इसी बीच उन्होंने एकबार फिर से इमरान खान को धन्यवाद कहते-कहते दिलदार भी कहा। सिद्धू ने इमरान खान की तारीफ के पुल बांधे और कहा कि इस ऐतिहासिक कॉरिडोर के बारे में जब भी लिखा जाएगा तो पहले पन्ने पर इमरान खान का नाम लिखा जाएगा।
वह बोले मैं करतारपुर कॉरिडोर में बहुत बड़ी संभावना देखता हूं। यह दो देशों को मिलाने वाला और लोगों को जोड़ने वाला कॉरिडोर है।
इस मौके पर सिद्धू ने एक कविता पाठ भी किया। साथ ही सिद्धू ने कहा कि हंस और बगुला सरोवर में एक साथ रहते हैं लेकिन हंस मोती ढूंढता है लेकिन बगुला मछली। वह बोले सब कुछ सोच पर निर्भर करता है। करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में नवजोत सिद्धू ने पाक पीएम इमरान खान को फिर फरिश्ता बताया।
सिद्धू ने लगे हाथों दोनों देशों को नसीहत भी दे डाली और कहा कि दोनों देशों को यह समझना होगा कि हमें अब आगे बढ़ जाना चाहिए। उन्होंने इस दौरान अपने पिता को याद करते हुए कहा कि जब मैं छोटा था तब पंजाब मेल लाहौर तक जाती थी, लेकिन मेरा मानना है कि यह ट्रेन पेशावर तक जानी चाहिए, अफगानिस्तान तक जानी चाहिए।
#WATCH Pakistan PM Imran Khan: I don't know why was Sidhu criticised (in India). He was just talking about peace. He can come and contest election here in Pakistan, he'll win. I hope we don't have to wait for Sidhu to become Indian PM for everlasting friendship b/w our nations. pic.twitter.com/yPdWCJDYAr
— ANI (@ANI) November 28, 2018
भाषण देते वक्त भावुक हुईं हरसिमरत बादल
शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भाषण देते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि आज हमारी कौम के लिए ऐतिहासिक दिन है, भारत का हर एक सिख पिछले 70 सालों से यहां आकर दर्शन करना चाहता था वो अब पूरा हो रहा है। जिसके हाथ में सेवा लिखी थी, उसी के हाथों ये काम पूरा हुआ है। गुरु नानक साहब ने अपना आखिरी समय आपकी धरती पर बिताया, लेकिन 4 किमी. का ये फासला पूरा करने में 70 साल लग गए।
सिमरत बोलीं ने यहां मेरा कोई दोस्त, कोई जानने वाला नहीं लेकिन एक सिख होने के नाते मेरी अरदास पूरी हुई है। अपनी बात कहते हुए बादल भावुक हो गईं। हमारी पार्टी 7 महीने से इस मांग को पूरा करने में लगी थी, हमारी कैबिनेट ने इसका फैसला लिया और आज ये सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब बर्लिन की दीवार गिर सकती है तो भारत-पाकिस्तान के बीच की नफरत क्यों नहीं दूर हो सकती है।
सिद्धू ने दोनों देशों के बीच फिर क्रिकेट शुरू करने की वकालत की
सुष्मा स्वराज बोलीं आतंक और दोस्ती साथ-साथ नहीं हो सकती
वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि करतारपुर गलियारा पहल का पाकिस्तान के साथ बातचीत से कोई लेना-देना नहीं है और पाकिस्तान जब भारत में आतंकवादी गतिविधियां बंद कर देगा तभी उससे बातचीत शुरू होगी।
भारत इस गलियारे की लंबे समय से मांग करता रहा है, जिससे भारतीय सिख श्रद्धालु बिना वीजा के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब तक आ जा सकें। स्वराज ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि पाकिस्तान ने पहली बार सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस कदम भर से द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो जाएगी। आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती।’’
विदेश मंत्री तेलंगाना में सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले प्रचार के लिए यहां हैं और वह संवाददाताओं को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा, ‘‘जिस क्षण पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियां बद कर देगा, बातचीत शुरू हो सकती है लेकिन बातचीत केवल करतारपुर गलियारे से जुड़ी नहीं है।’’
सिद्धू कल ही पहुंच गए थे पाकिस्तान
सिद्धू मंगलवार दोपहर दो बजे अटारी सड़क सीमा के रास्ते पाक के लिए रवाना हुए थे। पाकिस्तान पंजाब के गवर्नर चौधरी मोहम्मद सरवर सहित कई अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। लाहौर पहुंचते ही सिद्धू ने मीडिया से बातचीत में इमरान खान की तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिए।
उन्होंने कहा कि दुनिया में इमरान जैसा कोई यार नहीं जिसने इतना बड़ा तोहफा दिया हो। पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब बाजवा मुझसे मिले थे तो उन्होंने यह कहा था कि वजीर-ए-आजम इमरान ने उन्हें यह संदेश देने को कहा है कि वे करतारपुर कॉरिडोर खोल देंगे। 71 साल के इतिहास में किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया।
बटाला के डेरा बाबा में आयोजित कार्यक्रम में न आने पर सिद्धू ने कहा कि मैं धर्म के कार्य को सियासत अलग आंकता हूं। यही कारण है कि वे कार्यक्रम में नहीं गए। जब उनसे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पाक न आने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उनका नजरिया अलग है और मेरा अलग।
उन्होंने एक अन्य जगह मीडिया से बातचीत में कॉरिडोर को ‘अनंत संभावनाओं का गलियारा’ बताया। हालांकि इस दौरान वह केंद्र पर निशाना साधने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि पाक सेना प्रमुख के साथ उनकी झप्पी कुछ सेकेंड की थी। यह कोई राफेल डील नहीं थी। जब दो पंजाबी मिलते हैं, तो गले लगते हैं।
इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच क्रिकेट फिर शुरू करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि भारत में इमरान खान, वसीम अकरम और जावेद मियांदाद के लाखों प्रशंसक हैं। इसी तरह पाक में शाहरुख और सलमान को लोग बहुत प्यार करते हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने सिद्धू को तीन दिन का वीजा दिया है। वे ननकाना साहिब और गुरुद्वारा पंजा साहिब के दर्शन के लिए जा सकते हैं।
मंगलवार शाम चार बजे तक पाक ने किया बादल व पुरी का इंतजार
अटारी बॉर्डर पर दोनों भारतीय केंद्रीय मंत्रियों का शाम चार बजे तक इंतजार किया गया। इसके बाद उनके आने की कोई सूचना न मिलने पर अटारी-वाघा बॉर्डर के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। दोनों भारतीय मंत्री बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।
तीर्थ यात्रियों के लिए बनेगा रेलवे स्टेशन
करतारपुर में सिख तीर्थ यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार रेलवे स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी।