पाक में एक साथ नमाज अदा करेंगे सभी पंथ
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पाकिस्तान ने अब इस्लाम के सभी पंथों के बीच सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए नमाज का वक्त एक समान रखने की योजना बनाई है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी खबर के मुताबिक पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री सरदार मुहम्मद यूसुफ ने इसके संकेत दिए हैं।
मंत्री ने कहा है कि वह निजाम-ए-सलत लागू करने के लिए सभी प्रांतों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क करेंगे। योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सभी प्रांतीय सरकार कम से कम जिला स्तर पर नमाज का स्थानीय समय जारी करेंगी। समय का निर्धारण स्थानीय टाइमजोन के आधार पर किया जाएगा।
वर्ग संघर्ष के छिटपुट मामलों को छोड़ दिया जाए तो पाकिस्तान शुरुआती दौर में काफी शांतिपूर्ण रहा था। लेकिन 1980 में सैन्य शासक जिया-उल-हक की नीतियों के कारण विभिन्न पंथों का टकराव शुरू हुआ। आज के समय में पाकिस्तान विभिन्न पंथों के बीच बंटा हुआ है।
'80 फीसदी मस्जिद इसका पालन कर रहे हैं'
मई 2015 में पाकिस्तान की सरकार ने इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र (आईसीटी) के लिए इसी तरह एक साथ नमाज अदा करने का समय तय किया। यूसुफ ने कहा कि आईसीटी में इसे लागू करने से पहले मौसम विभाग और अहले हदीथ, सुन्नी हनाफी तथा शिया समुदाय के धार्मिक नेताओं से सलाह ली गई थी।
श भर में लागू करने से पहले भी यही तरीका अपनाया जाएगा। हालांकि मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सरकार आईसीटी में समान समय का प्रावधान लागू कराने में असफल रही है। आईसीटी में करीब 700 मस्जिदें हैं और इनमें से कुछ ही हैं जो इसका पालन कर रहे हैं। यूसुफ ने दावा किया था कि 80 फीसदी मस्जिद इसका पालन कर रहे हैं।