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अमेरिका सबूत दे तो हम हक्कानी नेटवर्क के ठिकानों को खत्म कर देंगेः पाकिस्तान
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Tue, 10 Oct 2017 05:57 PM IST
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अगर अमेरिका इस बात का सुबूत दे कि पाक के भीतर आंतकवादी संगठन हक्कानी का नेटवर्क है तो वह उन्हें नष्ट करने के लिए संयुक्त अभियान चलाने को लिए तैयार है।
हाल ही में अमेरिका से लौटे आसिफ ने एक्सप्रेस न्यूज से कहा, ‘हमने अमेरिकी अधिकारियों को पाकिस्तान में हक्कानी नेटवर्क होने के सबूतों के साथ आने का निमंत्रण दिया है। यदि वह लक्षित क्षेत्रों में कोई गतिविधि (हक्कानी की) पाते हैं तो हमारी सेना अमेरिका के साथ मिलकर उन्हें हमेशा के लिए नष्ट कर देगी।’
ख्वाजा ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने हाल ही में अफगानिस्तान की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात कर उन्हें भी इसी तरह की पेशकश की थी।
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आसिफ ने दावा करते हुए कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन ने हम पर और दबाव डालने की कोशिश की तो मित्र देश खासतौर पर चीन, रूस, ईरान और तुर्की हमारे पक्ष में खड़े होंगे। अमेरिकी रक्षा और विदेश मंत्री हम पर तानाशाही करते हैं, तो हम इससे इनकार कर देंगे। अब हम वो करेंगे जो हमारे देश के हित में होगा।
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हाल ही में अमेरिका से लौटे आसिफ ने एक्सप्रेस न्यूज से कहा, ‘हमने अमेरिकी अधिकारियों को पाकिस्तान में हक्कानी नेटवर्क होने के सबूतों के साथ आने का निमंत्रण दिया है। यदि वह लक्षित क्षेत्रों में कोई गतिविधि (हक्कानी की) पाते हैं तो हमारी सेना अमेरिका के साथ मिलकर उन्हें हमेशा के लिए नष्ट कर देगी।’
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ख्वाजा ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने हाल ही में अफगानिस्तान की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात कर उन्हें भी इसी तरह की पेशकश की थी।
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आसिफ ने दावा करते हुए कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन ने हम पर और दबाव डालने की कोशिश की तो मित्र देश खासतौर पर चीन, रूस, ईरान और तुर्की हमारे पक्ष में खड़े होंगे। अमेरिकी रक्षा और विदेश मंत्री हम पर तानाशाही करते हैं, तो हम इससे इनकार कर देंगे। अब हम वो करेंगे जो हमारे देश के हित में होगा।
ट्रंप के मंत्री जाएंगे पाकिस्तान
trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने वरिष्ठ डिप्लोमैट और मिलिट्री सलाहकार को इस माह पाकिस्तान भेजेंगे। ट्रंप की इस योजना के कई परिणाम सामने आ सकते हैं, क्योंकि ट्रंप ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई थी। ट्रंप ने कहा था कि इस्लामाबाद आतंकियों को सुरक्षित जगह उपलब्ध करवाता है।
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन इस महीने के आखिर में पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे हैं। यूएस और पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री जिम मैटिस उनके साथ जाएंगे। अमेरिका के ये दोनों प्रतिनिधि पाकिस्तान के पास इस संदेश के साथ जाएंगे कि जिहादियों का समर्थन करना अब बंद करना होगा।
अमेरिका पहले ही पाकिस्तान के व्यवहार से खुश नहीं है। बढ़ते आतंकवाद के कारण 2011 में पाक-अमेरिका संबंध टूटने की कगार पर आ गए थे। तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान में लादेन को मारने के लिए कमांडो की तैनाती की थी।
वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान के बढ़ते आतंक पर आपत्ति जताई और अगस्त में कहा कि हम पाकिस्तान को बिलियन डॉलर्स की मदद कर चुके हैं लेकिन वो उन आतंकियों को घर उपलब्ध करवा रहा है जोकि हमारे दुश्मन हैं। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ट्रंप के सभी आरोपों का खंडन कर दिया था।
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन इस महीने के आखिर में पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे हैं। यूएस और पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री जिम मैटिस उनके साथ जाएंगे। अमेरिका के ये दोनों प्रतिनिधि पाकिस्तान के पास इस संदेश के साथ जाएंगे कि जिहादियों का समर्थन करना अब बंद करना होगा।
अमेरिका पहले ही पाकिस्तान के व्यवहार से खुश नहीं है। बढ़ते आतंकवाद के कारण 2011 में पाक-अमेरिका संबंध टूटने की कगार पर आ गए थे। तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान में लादेन को मारने के लिए कमांडो की तैनाती की थी।
वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान के बढ़ते आतंक पर आपत्ति जताई और अगस्त में कहा कि हम पाकिस्तान को बिलियन डॉलर्स की मदद कर चुके हैं लेकिन वो उन आतंकियों को घर उपलब्ध करवा रहा है जोकि हमारे दुश्मन हैं। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ट्रंप के सभी आरोपों का खंडन कर दिया था।