राजनीतिक दल के दफ्तर से हथियार बरामद
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पाकिस्तान के अर्धसैनिक बलों ने राजनीतिक दल मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के कराची स्थित मुख्यालय पर छापा मारकर भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। सुरक्षा बलों ने पार्टी दफ़्तर को सीलबंद कर दिया है।
पाकिस्तान रेंजर्स के प्रवक्ता कर्नल ताहिर ने दावा किया है कि वहां से हत्या एवं अन्य दूसरे मामले से जुड़े अपराधी भी गिरफ़्तार किए गए हैं।
छापे के बाद पार्टी समर्थकों का एक समूह दफ़्तर के बाहर इकट्ठा हो गया। एक अज्ञात बंदूकधारी द्वारा हवा में चलाई गई गोली से एक युवा पार्टी कार्यकर्ता की मौत हो गई। एमक्यूएम ने छापे की निंदा की है और कहा कि बरामद हथियार क़ानूनी तौर पर रखे हुए थे। किसी तरह की अशांति की आशंका से शहर का बड़ा हिस्सा बंद हो गया है।
एमक्यूएम कराची का सबसे प्रभावी राजनीतिक दल है। पार्टी के नेता अल्ताफ हुसैन 1992 से ही लंदन में रहते हैं। एमक्युएम ने इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। कर्नल ताहिर ने दो घंटे तक चले इस छापे को पूरी तरह से 'मिली हुई जानकारी पर आधारित ऑपरेशन' बताया है।
पूछताछ और जांच
पाकिस्तान के जियो न्यूज़ से बात करते हुए एमक्यूएम के वरिष्ठ नेता फारूक सत्तार ने कहा कि यह कार्रवाई 'समझ से परे है और मुनासिब नहीं है'।
उन्होंने कहा, "एमक्युएम ख़ुद ही अपराध और चरमपंथ के ख़िलाफ़ हमेशा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और हमेशा इस मसले पर सहयोग करने के लिए तैयार रहता है।"
पार्टी का कहना है कि वरिष्ठ नेता आमिर खान समेत उसके कई नेताओं को हिरासत में रखा गया है। लेकिन कर्नल ताहिर एमक्यूएम के किसी भी सांसद को हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि आमिर खान से सिर्फ 'आपराधिक तत्वों की मौजूदगी' के संबंध में पूछताछ की गई है। एमक्यूएम पर अक्सर पैसा उगाही करने के आरोप लगते रहे हैं जिससे पार्टी इनकार करती रही है।