{"_id":"57669d734f1c1beb0e11b6c5","slug":"pakistani-madrassa-linked-to-the-taliban-grant-of-rs-30-crore","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान ने यूनिवर्सिटी ऑफ जिहाद को दिए 30 करोड़ ","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
पाकिस्तान ने यूनिवर्सिटी ऑफ जिहाद को दिए 30 करोड़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 19 Jun 2016 08:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान की आतंकवाद को शह देने वाली एक और हरकत का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान की खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने 'यूनिवर्सिटी ऑफ जिहाद' के नाम से कुख्यात मदरसे को 30 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है। इस मदरसे का सीधा संबंध अफगान तालिबान से बताया जाता है।
विज्ञापन
अफगान तालिबान के कई नेता इस मदरसे से शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें तलिबान का पूर्व सरगना मुल्ला उमर भी शामिल है। खैबर-पख्तूनख्वा के मिनिस्टर शाह फरमान ने विधानसभा में कहा, 'मैं गर्व के साथ इस बात की घोषणा करता हूं कि दारूल उलूम हक्कानिया नौशेरा को अपने वार्षिक खर्चों के लिए 30 करोड़ रुपए मिलेंगे।'
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार खैबर पख्तूनख्वा में धार्मिक संस्थाओं को निशाना नहीं बना रही है बल्कि उनके साथ सहयोग और उन्हें वित्तीय मदद दे रही है।
विज्ञापन
नौशेरा जिले के अकोरा खट्टक में स्थित इस मदरसे से हक्कानी गुट का सरगना जलालुद्दीन हक्कानी, भारतीय में अलकायदा का नेता असीम उमर और अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया अफगान तालिबान प्रमुख्ा अख्तर मंसूर भ्ाी इसी मदरसे में पढ़ाई कर चुका है।