पाकिस्तान ने मदरसों के 200 से ज्यादा खाते किए सीज
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आतंकवादियों और उन्हें पैसे उपलब्ध कराने वालों के गठजोड़ को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान ने अपंजीकृत मदरसों के 200 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
यह कदम पाकिस्तान के नेशनल एक्शन प्लान (एनएपी) का एक हिस्सा है जिसका आरंभ इस साल की शुरुआत में किया गया था। पेशावर में स्कूल पर हुए हमले के बाद शुरू किए गए एनएपी का उद्देश्य आतंकियों, उनके फाइनेंसरों और संरक्षकों को समाप्त करना है। विदेशी फंडिंग से चलने वाले 32 मदरसों को भी आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने सील कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि पेशावर के स्कूल पर हुए आतंकी हमले में 150 लोगों की जान गई थी जिनमें से ज्यादातर स्कूली बच्चे थे। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के निर्देश पर वाणिज्यिक बैंकों ने पिछले सप्ताह अपंजीकृत मदरसों के 200 खातों को फ्रीज कर दिया।
आतंक से लड़ने के लिए मदरसों की फंडिंग
पाकिस्तान में कोई भी बैंक मदरसों के नए खाते तब तक नहीं खोल रहा है जब तक कि वे धार्मिक मामलों के मंत्रालय की नई प्रणाली के तहत खुद को पंजीकृत नहीं करवाते हैं।
आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार मदरसों ने अपने पैसों के स्रोत के बारे में जानकारी देने या नर्द व्यवस्था के तहत खुद को पंजीकृत कराने से इंकार कर दिया है।
इससे नई नीति के तहत उनके खातों की निगरानी करने का हमारा काम और कठिन हो गया है जो नेशनल एक्शन प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि लगभग 221 संदिग्ध खाते मदरसों से जुड़े किसी विशेष व्यक्ति के हैं। इन खातों को एनएपी के तहत फ्रीज कर दिया गया है। इन खातों में 50 लाख रुपये थे।