पाकिस्तान चुनाव 2018: आर्मी हेडक्वार्टर के बाहर लगे आईएसआई मुर्दाबाद के नारे
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पाकिस्तान में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। जहां एक ओर सभी दल एक-दूसरे पर जमकर बयानबाजी कर रहे हैं वहीं आम चुनाव में फौज और खुफिया एजेंसियों को भी खींचा जा रहा है। फौज पर जहां एक विशेष दल को मदद करने का आरोप लगाया गया है वहीं खूफिया एजेंसी आईएसआई के लिए मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं।
रविवार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के समर्थकों ने रावलपिंडी में आर्मी हेडक्वॉर्टर के बाहर देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि आम चुनाव में आईएसआई खेल कर रही है और यह चुनाव फिक्स है।
बता दें कि इससे पहले आम चुनाव के दौरान आईएसआई के खिलाफ इस तरह से खुले तौर पर नारेबाजी शायद ही कभी पाकिस्तान में सुनने और देखने को मिली होगी। सेना के मुख्यालय के बाहर खड़े पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के समर्थकों ने 'आईएसआई मुर्दाबाद और यह जो दहशतगर्दी है उसके पीछे वर्दी है' जैसे नारे लगाए।
Anti-ISI slogans were raised by the supporters of #Pakistan's mainstream political party, the PML (N) and others outside General Headquarters (GHQ) in #Rawalpindi.
Read @ANI story| https://t.co/JlTpDZWXu1 … pic.twitter.com/uJ04hFTCZJ — ANI Digital (@ani_digital) 22 July 2018
बलोच नैशनल मूवमेंट के प्रेजिडेंट जफर बलोच ने ट्वीट किया, 'पाकिस्तान की सड़कों पर खुलेआम लोगों ने आईएसआई के खिलाफ नारेबाजी की। सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ यह असंतोष पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है।'
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने आईएसआई को लिया था आड़े हाथ
बता दें कि इससे पहले इस्लामाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शौकल सिद्दीकी भी न्यायपालिका और मीडिया पर नियंत्रण की कोशिशों को लेकर आईएसआई को आड़े हाथों ले चुके हैं। उन्होंने बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए कहा था कि आईएसआई अपने अनुकूल फैसलों के लिए लगातार न्यायपालिका पर दबाव बना रही है। इनमें नवाज शरीफ का केस भी शामिल है। आईएसआई नहीं चाहती कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज 25 जुलाई को होने जा रहे चुनावों से पहले जेल से बाहर आएं।
सेना इमरान खान के हक में बना रही माहौल
पाकिस्तानी सेना पर भी आरोप लग रहे हैं कि वह राजनेता इमरान खान के पक्ष में माहौल बना रही है। इसके लिए पीटीआई चीफ इमरान के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी नवाज शरीफ की खबरों को मीडिया कवरेज तक नहीं दी जा रही है।
पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय चैनल जियो टीवी को नवाज शरीफ की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया लेकिन इसकी कवरेज नहीं करने दी गई। इसकी जगह टीवी चैनल पर इमरान खान की रैली और उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के हाइलाइट्स दिखाए गए।
#WATCH 'ISI Murdabad' slogans raised outside Pakistan Army Headquarters (GHQ) in Rawalpindi yesterday pic.twitter.com/jdWn0fVTnc
— ANI (@ANI) July 22, 2018