पाकिस्तान चुनाव : पीएमएल-एन का आरोप इमरान खान को फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव में दखल दे रही है फौज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में 25 जुलाई को वहां के मतदाता केंद्र और चार राज्यों में सरकार के लिए मतदान करेंगे। केंद्र में सरकार के लिए नेशनल असेंबली और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव होगा। पाकिस्तान की आबादी 20 करोड़ से ज्यादा है और जनसंख्या के लिहाज से यह दुनिया का छठा बड़ा देश है। भ्रष्टाचार के मामले में नवाज शरीफ के जेल जाने के बाद भारत सहित दुनियाभर की नजरें पाकिस्तान चुनाव पर लगी हैं। पाकिस्तान में सत्ता की चाबी पंजाब प्रांत के राज्य में छुपी हैं। नेशनल असेंबली की 272 में से 141 सीटें यहीं हैं। यानी जिस पार्टी ने पंजाब जीत लिया उसका देश का सरताज बनना तय है। पंजाब की राजधानी लाहौर पाक की पॉलिटिकल कैपिटल मानी जाती है। वोटिंग से दो हफ्ते पहले लाहौर के ही सियासी घटनाक्रम ने पाक चुनाव को और ज्यादा रोमांचक बना दिया है। पूर्व पीएम नवाज शरीफ और मरियम की गिरफ्तारी ने उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) में नया जोश भर दिया है खासकर पंजाब में। चुनावी विश्लेषक इसे मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं।
वहीं, पीएमएल-एन ने सेना पर पार्टी की 'इलेक्शन इंजीनियरिंग' को नाकाम बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सेना के चलते ही शाहबाज, नवाज के स्वागत के लिए एयरपोर्ट तक नहीं पहुंच सके। पंजाब के केयरटेकर सीएम हसन असकारी रिजवी सेना के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। वे पीटीआई कार्यकर्ता बन गए हैं। हालांकि सीएम रिजवी इसे नकारते हुए कहते हैं कि मैंने प्रशासन को कहा है कि वे इलेक्शन में अपनी ड्यूटी प्रोफेशनल और न्यूट्रल होकर करें।
पीएमएल-एन के कुछ नेता शाहबाज पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि लोग एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं, तो शाहबाज रैली में भी आ सकते थे। शरीफ के परिवार में मतभेद भी हैं। हालांकि तमाम उठापटक के बावजूद पीएमएल-एन पंजाब में मजबूत दिख रही है। पीएमएल-एन को कारोबारियों की पार्टी भी कहा जाता है। पार्टी नवाज की इज्जत के लिए भी लोगों से वोट मांग रही है। लाहौर की आबिद मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक शॉप के मालिक मो. जुबेर कहते हैं कि उनका वोट शरीफ को ही जाएगा।
नवाज के किलेे लाहौर में सेंध लगाने की तैयारी में पीटीआई
पंजाब की 141 सीटों में से 14 लाहौर में हैं। यहां पीटीआई नवाज के किले में सेंध लगाने की तैयारी में है। यहां सबसे हॉट सीट एनए-131 पर इमरान का मुकाबला पीएमएल-एन नेता और पूर्व रेलवे मंत्री साद रफीक से है। साद ने पिछले चुनाव में इमरान को ही हराया था। इमरान पिछले तीन चुनावों से पंजाब में जीतने की कोशिश कर रहे हैं पर अभी तक कामयाब नहीं हो सके हैं। पीटीआई कार्यकर्ता सानिया वसीम कहती हैं कि इस बार इमरान खान ही वजीर-ए-आजम बनेंगे। लाहौर अब नवाज शरीफ का नहीं इमरान का किला है। शरीफ एक मुजरिम हैं, पंजाब के लोग कभी किसी मुजरिम को वोट नहीं देंगे।
उधर आतंकी हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा के फ्रंट अल्लाह-हू-अकबर तहरीक(एएटी) के भी कई प्रत्याशी लाहौर की सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। कहा जा रहा है कि सेना इन जिहादी संगठनों को मुख्यधारा में लाने के लिए चुनाव लड़वा रही है। एएटी उम्मीदवार शेख याकूब का कहना है कि उनके सरकार का हिस्सा बनने के बाद पाकिस्तान में शरिया कानून को लागू कर दिया जाएगा। हमें फख्र है कि पाकिस्तान फौज हमारे साथ है, हिंदुस्तानी फौज नहीं। हम कायदे आजम का पाकिस्तान बनाएंगे।