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सौतनें, बहनें, बेटियां, भाभियां मैदान में
बीबीसी हिंदी
Updated Wed, 24 Apr 2013 06:28 PM IST
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पाकिस्तान में संसद और विधान सभाओं के लिए चुनाव हो रहे हैं। भारत की तरह ही वहां भी बड़े नेताओं ने अपने परिवार की महिला सदस्यों को मैदान में उतारा है।
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जहां पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रमुख बेनजीर भुट्टो के दो करीबी महिला रिश्तेदार एक दूसरे के सामने हैं, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का सामना अपनी पत्नी कुलसुम नवाज़ के चचेरे भाई की पत्नी से है।
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राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की बहन फ़रयाल तालपोर और डॉक्टर अज़रा फ़जल पीपुल्स पार्टी की ओर से उम्मीदवार हैं।
इसी तरह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिए गए सांसद नज़ीर जट की बेटियां आयशा नज़ीर और आफ़या नज़ीर पंजाब प्रांत के ज़िले वहाड़ी से उम्मीदवार हैं।
नज़ीर जट की दोनों पत्नियों भी चुनाव में भाग ले रही हैं। दोनों सौतनें एक दूसरे के खिलाफ़ नहीं बल्कि राष्ट्रीय और प्रांतीय सीटो के लिए उम्मीदवार हैं।
सोप ऑपेरा सा नज़ारा
पीपुल्स पार्टी की पूर्व प्रमुख बेनज़ीर भुट्टो की नंद फ़रयाल तालपोर का मुकाबला बेनज़ीर भुट्टो की भाभी गनवी भुट्टो से है।
नज़ीर जट की एक पत्नी और एक बेटी का मुकाबला पीपुल्स पार्टी और मुस्लिम लीग नवाज़ के उम्मीदवारों से है।
मुस्लिम लीग नवाज़ की तहमीना दौलताना का मुकाबला नज़ीर जट की पत्नी आबिदा दीबा और पीपुल्स पार्टी की नताशा दौलताना का मुकाबला आफ़या नज़ीर से है।
मुस्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ का मुकाबला भी दो महिला उम्मीदवारों से है। इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ की यास्मीन राशिद और कुलसुम नवाज़ की रिश्ते की बहन सायरा जुबैर नवाज़ शरीफ़ के खिलाफ़ मैदान में हैं।
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सायरा जुबैर के पति जुबैर उर्फ झारा प्रसिद्ध पहलवान थे। वो विधवा हैं और जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की पार्टी ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग से उम्मीदवार हैं।
नवाज़ शरीफ़ के भतीजे हम्ज़ा शहबाज़ की विधानसभा सीट पर आयशा अहद उनके सामने हैं।
नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम अपने पिता के चुनावी अभियान में ज़ोर शोर से जुटी हैं और चुनावी पोस्टरों पर भी मरियम की तस्वीरें देखी जा रही
जो इस बार मैदान से गायब हैं
पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर उन महिलाओं में शामिल हैं, जो अपने पिता की बीए की डिग्री न होने के कारण दो बार सासंद चुनी गई लेकिन इस बार वह अपने पिता नूर रब्बानी के पक्ष में चुनाव नहीं लड़ रहीं हैं।
फ़ैसलाबाद से पीपुल्स पार्टी के पूर्व सांसद राहेला बलोच भी अपने पिता के चुनाव लड़ने के कारण उम्मीदवार नहीं हैं।
मुस्लिम लीग नवाज़ की समीरा यासिर रशीद अपने ससुर मियां रशीद की जगह सांसद चुनी गईं थीं लेकिन अब उनके ससुर चुनाव लड़ने के लिए बीए पास होने की शर्त समाप्त होने पर खुद चुनाव लड़ रहे हैं।
मुस्लिम लीग नवाज़ की मारवी मेमन रिज़र्व सीट से विधायक चुनी गई थीं लेकिन इस बार वह सिंध से संसद और विधानसभा दोनों का चुनाव लड़ रही हैं।
पीपुल्स पार्टी के नेता एतजाज़ हसन के भारतीय राज्य सभा की तरह संसद के उपरी सदन के सांसद होने के कारण उनकी पत्नी बशरी एतजाज़ लाहौर से संसद के निचले सदन का चुनाव लड़ रही हैं।
महिलाओं को चुनाव में आम सीटों पर टिकट देने में पीपुल्स पार्टी अव्वल है जबकि मुस्लिम लीग (नवाज़) दूसरे और तहरीक ए इंसाफ़ तीसरे नंबर पर है।