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पाकिस्तान चुनाव: नवाज की जेल यात्रा से लिखी जा सकती है शाहबाज की किस्मत

Fri, 20 Jul 2018 11:03 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 20 Jul 2018 11:03 AM IST
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pakistan election 2018 Nawaz's prison can take Shahabaz at Prime ministers chair
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परमाणु सशस्त्र देश पाकिस्तान के लिए 25 जुलाई को होने वाला आम चुनाव एक परिवर्तन वाला क्षण बनने जा रहा है। एक ओर जहां भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद भी अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी की पॉपुलैरिटी दिन ब दिन बढ़ रही है। वहीं पल पल वहां की राजनीतिक समीकरण बदल रहा है। पिछले दिनों वोट के समीकरण की बात करें तों पाकिस्तान के युवा बहुत तेजी से पीटीआई के समर्थन में आगे आए हैं। 

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पाकिस्तानी मीडिया द डॉन द्वारा कराए गए ऑन लाइन सर्वेक्षण में चौंकाने वाले आंकड़ें सामने आए हैं। जिसमें 41 फीसदी लोगों ने माना है कि इस बार चुनाव साफ-सुथरा होने जा रहा है। जबकि 31.12 फीसदी लोगों ने कहा कि पाकिस्तान में चुनाव कभी भी साफ-सुथरा नहीं हो सकता है। 
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लेकिन जिस तरह से पल-पल राजनीतिक समीकरण बदल रहा है। उससे यह लगने लगा है कि पाकिस्तान में त्रिशंकु सरकार बनेगी। ऑन लाइन कराए गए सर्वे में खुल कर सामने आया कि इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों की संख्या बढ़ रही है लेकिन नवाज शरीफ और उनकी पार्टी के प्रति भी लोंगो का रुझान बढ़ा है। 
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नवाज शरीफ की पत्नी लंदन के अस्पताल में इलाज करा रही हैं। इधर, पाकिस्तान की अदालत से नवाज शरीफ के खिलाफ फैसला आते ही उन्होंने लंदन में घोषणा कर दी कि वे वतन लौट रहे हैं। हाल ही में वे बेटी मरियम के साथ वतन लौटे, जहां उतरते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पाकिस्तानी सेना और नवाज शरीफ के विरोधियों को लग रहा है कि इससे उन्हें लाभ होगा। राजनीतिक विश्लेषक भी मानते हैं कि नवाज शरीफ की गिरफ्तारी का लाभ उनकी पार्टी को मिलने की संभावनाएं हैं। 

पाकिस्तानी अवाम सेना और अन्य दलों से ज्यादा नवाज शरीफ को पसंद करती है। संभव है कि 25 तारीख को होने वाले प्रांतों और केंद्र के चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी बड़ी जीत हासिल करे। 68 वर्षीय नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएमएल-एन के चुनिंदा नेता सेना के पूर्व जनरलों एवं अन्य वे अधिकारी जो चुनावी मैदान में हैं, उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। नवाज शरीफ को पाकिस्तान के नेशनल अकाउन्टेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने 10 साल की सजा सुनाई है क्योंकि वे साबित नहीं कर पाए कि लंदन में उन्हें चार लग्जरी बंगले उन्हें कैसे प्राप्त हुए। 

विपक्षी पार्टी इमरान खान की 'तहरीक ए इंसाफ' है। वे मानकर चल रहे हैं कि उनकी सरकार बनेगी। नवाज शरीफ के पारिवारिक वकील ख्वाजा हैरिस ने कहा कि वे अपील दायर कर सकते हैं क्योंकि नवाज शरीफ को सजा का फैसला असामान्य नियमों पर है। 174 पेज के फैसले में साफ लिखा है कि नवाज शरीफ यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि उन्हें चार लग्जरी बंगले कैसे प्राप्त हुए। एक अन्य वकील जुनैद जहांगीर ने कहा कि नवाज शरीफ के खिलाफ यह जो प्रकरण है, वह विसंगतियों एवं त्रुटियों से भरा है। सेना उन्हें राजनीतिक मंच से उतारना चाहती है।
 
नवाज शरीफ के वतन लौटने से यह स्पष्ट हो गया कि उनके और सेना के बीच अब सुलह की गुंजाइश नहीं रही। उनके भाई एवं पंजाब (पाकिस्तान) प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ कहते हैं, अगर हमारी पार्टी को बहुमत मिला तब भी हम गठबंधन करेंगे और ज्यादा दलों को साथ जोड़ेंगे। टीवी एंकर सैयद तलत हुसैन कहते हैं, नवाज शरीफ और सैन्य जनरलों के बीच तल्खी नए स्तर पर जा पहुंची है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अध्ययन बताते हैं कि अगर नवाज शरीफ की पार्टी को बहुमत नहीं मिला तो इमरान खान गठबंधन सरकार बना सकते हैं। 

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