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भारत की कड़ी कार्रवाई से ढीली हुई पाक की अकड़, आमने सामने बातचीत को तैयार
एजेंसी/ इस्लामाबाद
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:08 PM IST
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भारत के साथ नियंत्रण रेखा पर तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान विश्वास बहाली के ताजा उपायों के जरिए डाइरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) स्तर की वार्ता के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इससे पहले दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच दिसंबर, 2013 में आमने-सामने बात हुई थी।
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डॉन अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को सीनेट डिफेंस कमेटी को बताया कि दोनों देशों के डीजीएमओ की बैठक के ताजा प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
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उक्त अधिकारी ने भारत द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन के ताजा रुझानों के बारे में भी जानकारी दी। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के उस दावे के एक दिन बाद आया है जिसमें उसने भारत की जवाबी कार्रवाई में अपने चार सैनिकों के मारे जाने और पांच अन्य के घायल होने की बात स्वीकार की है। हालांकि भारत ने सोमवार को हुई इस कार्रवाई में पाक के सात सैनिकों को मार गिराने की जानकारी दी है।
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इस मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीजीएमओ की प्रस्तावित बैठक में विश्वास बहाली के एक उपाय के तहत नियंत्रण पर रेखा पर इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों की क्षमता को कम करने का विचार है।
मालूम हो कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच हॉटलाइन पर अक्सर बातचीत होती रहती है, लेकिन चार साल से दोनों में आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई है। इससे पहले 24 दिसंबर, 2013 को दोनों सैन्य अधिकारियों के बीच वाघा बॉर्डर पर 14 साल बाद बातचीत हुई थी।
इस बीच, सीनेट कमेटी द्वारा सर्वसम्मति से पारित एक प्रस्ताव में भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के उस बयान की निंदा की गई जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना पाकिस्तान की परमाणु धमकी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।