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भ्रष्टाचार रोधी अदालत में पेश हुए नवाज शरीफ, जज ने कहा नहीं आते तो जमानती मुचलका हो जाता रद्द
भाषा, इस्लामाबाद
Updated Tue, 02 Oct 2018 09:10 PM IST
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Nawaz Sharif
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मंगलवार को एक भ्रष्टाचार रोधी अदालत में पेश हुए। यह अदालत उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही है। पिछले महीने भ्रष्टाचार के अन्य मामले में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह पहली बार अदालत में पेश हुए हैं।
शरीफ जवाबदेही अदालत के समक्ष पेश हुए। इससे पहले सोमवार को न्यायाधीश मोहम्मद अरशद मलिक ने चेताया था कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री पीठ के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो वह शरीफ का जमानती मुचलका रद्द कर सकते हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकते हैं।
पाकिस्तान रेडियो ने खबर दी है कि संक्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने शरीफ के खिलाफ अल अजिजिया और हिल मेटल से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाई बुधवार तक के लिए मुल्तवी कर दी। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने 68 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले दायर किए थे।
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पाकिस्तान की एक शीर्ष अदालत ने एवनफील्ड भ्रष्टाचार मामले में शरीफ, उनकी बेटी और दामाद की सजा पर रोक लगा दी थी। इसके बाद तीनों को जेल से रिहा कर दिया गया था। शरीफ परिवार के खिलाफ ये मामले अप्रैल 2016 में पनामा पेपर के सामने आने के बाद दर्ज किए गए थे।
अदालत ने पनामागेट संयुक्त जांच दल के प्रमुख और अभियोजन के अहम गवाह वाजिद जिया को सोमवार को उनका बयान दर्ज कराने के लिए समन किया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री और उनके वकील की गैर हाजिरी की वजह से जिया का बयान दर्ज नहीं हो सका था। उनकी गैर हाजिरी पर गुस्सा जाहिर करते हुए न्यायाधीश मलिक ने सोमवार को टिप्पणी की, ‘‘ एक संदिग्ध अपनी मर्जी से सुनवाई छोड़ नहीं सकता है।’’
बचाव पक्ष के वकील ख्वाजा हारिस ने अपने सहयोगी मुनव्वर इकबाल दुग्गल के जरिए फ्लैगशिप, अल अजिजिया और हिल मेटल एस्टेबिलिशमेंट मामले की सुनवाई सेहत संबंधी कारणों के आधार पर दो दिन के लिए मुल्तवी करने की गुजारिश की तो न्यायाधीश और गुस्सा हो गए। जब न्यायाधीश ने शरीफ की गैर हाजिरी के बारे में पूछा तो दुग्गल ने कहा कि आरोपी को पेश होना था और यह पता लगाने के लिए वक्त मांगा कि पूर्व प्रधानमंत्री आए क्यों नहीं।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ न संदिग्ध मौजूद हैं और न ही वकील। क्या मैं पूरा दिन इंतजार करूं? उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने आपके मामले की सुनवाई करने के लिए अन्य मामलों की सुनवाई टाली है। मेहरबानी करके मुझे बताएं कि आप क्या चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आदेश लिख दूंगा और आप उसे चुनौती देते रहेंगे।’’ बाद में, दुग्गल ने अदालत से कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता भ्रम की वजह से पेश नहीं हो सके।
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शरीफ जवाबदेही अदालत के समक्ष पेश हुए। इससे पहले सोमवार को न्यायाधीश मोहम्मद अरशद मलिक ने चेताया था कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री पीठ के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो वह शरीफ का जमानती मुचलका रद्द कर सकते हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकते हैं।
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पाकिस्तान रेडियो ने खबर दी है कि संक्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने शरीफ के खिलाफ अल अजिजिया और हिल मेटल से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाई बुधवार तक के लिए मुल्तवी कर दी। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने 68 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले दायर किए थे।
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पाकिस्तान की एक शीर्ष अदालत ने एवनफील्ड भ्रष्टाचार मामले में शरीफ, उनकी बेटी और दामाद की सजा पर रोक लगा दी थी। इसके बाद तीनों को जेल से रिहा कर दिया गया था। शरीफ परिवार के खिलाफ ये मामले अप्रैल 2016 में पनामा पेपर के सामने आने के बाद दर्ज किए गए थे।
अदालत ने पनामागेट संयुक्त जांच दल के प्रमुख और अभियोजन के अहम गवाह वाजिद जिया को सोमवार को उनका बयान दर्ज कराने के लिए समन किया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री और उनके वकील की गैर हाजिरी की वजह से जिया का बयान दर्ज नहीं हो सका था। उनकी गैर हाजिरी पर गुस्सा जाहिर करते हुए न्यायाधीश मलिक ने सोमवार को टिप्पणी की, ‘‘ एक संदिग्ध अपनी मर्जी से सुनवाई छोड़ नहीं सकता है।’’
बचाव पक्ष के वकील ख्वाजा हारिस ने अपने सहयोगी मुनव्वर इकबाल दुग्गल के जरिए फ्लैगशिप, अल अजिजिया और हिल मेटल एस्टेबिलिशमेंट मामले की सुनवाई सेहत संबंधी कारणों के आधार पर दो दिन के लिए मुल्तवी करने की गुजारिश की तो न्यायाधीश और गुस्सा हो गए। जब न्यायाधीश ने शरीफ की गैर हाजिरी के बारे में पूछा तो दुग्गल ने कहा कि आरोपी को पेश होना था और यह पता लगाने के लिए वक्त मांगा कि पूर्व प्रधानमंत्री आए क्यों नहीं।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ न संदिग्ध मौजूद हैं और न ही वकील। क्या मैं पूरा दिन इंतजार करूं? उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने आपके मामले की सुनवाई करने के लिए अन्य मामलों की सुनवाई टाली है। मेहरबानी करके मुझे बताएं कि आप क्या चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आदेश लिख दूंगा और आप उसे चुनौती देते रहेंगे।’’ बाद में, दुग्गल ने अदालत से कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता भ्रम की वजह से पेश नहीं हो सके।