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जेल में बंद नवाज शरीफ को सोमवार को पेश करें, कोर्ट ने अधिकारियों को दिया आदेश
भाषा, इस्लामाबाद
Updated Thu, 09 Aug 2018 04:25 PM IST
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नवाज शरीफ
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पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने गुरुवार को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अधिकारियों को आदेश दिया कि वे जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के दो अन्य मामलों की सुनवाई के लिए सोमवार को अदालत में पेश करें।
न्यायाधीश अरशद मलिक की जवाबदेही अदालत ने शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के दो मामलों - फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट मामले और अल-अजीजिया स्टील मिल्स एंड हिल मेटल इस्टैब्लिशमेंट मामले में पहली सुनवायी की। इससे पहले इस सप्ताह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने दोनों मामलों को अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने की अर्जी स्वीकार कर ली थी।
शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ गत वर्ष तीन मामले दायर किये गए थे।
शरीफ (68) अपनी पुत्री मरियम (44) और अपने दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद सफदर के साथ रावलपिंडी के अडियाला जेल में क्रमश: 10 वर्ष, सात वर्ष और एक वर्ष की सजा काट रहे हैं। गत छह जुलाई को एक जवाबदेही अदालत ने इन लोगों को लंदन में परिवार के चार फ्लैट के स्वामित्व को लेकर दोषी ठहराया था।
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शरीफ ने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ 16 जुलाई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक अपील दायर की थी। उसी दिन उन्होंने दो अन्य मामलों को स्थानांतरित करने की एक अर्जी दायर की थी।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने इस सप्ताह शरीफ और उनके दो पुत्रों के खिलाफ लंबित भ्रष्टाचार के मामलों को अन्य जवाबदेही अदालत को स्थानांतरित करने की अर्जी स्वीकार कर ली।
न्यायाधीश मलिक के नेतृत्व वाली जवाबदेही अदालत ने जब गुरुवार को मामले में सुनवायी शुरू की तो उन्होंने अभियोजन से शरीफ की मौजूदगी के बारे में पूछा। उन्हें राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा बताया गया कि वह जेल में हैं और उन्हें सुरक्षा कारणों से अदालत नहीं लाया गया।
न्यायाधीश ने सुनवायी सोमवार तक स्थगित कर दी और आदेश दिया कि उन्हें सुनवायी के लिए पेश किया जाए।
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न्यायाधीश अरशद मलिक की जवाबदेही अदालत ने शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के दो मामलों - फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट मामले और अल-अजीजिया स्टील मिल्स एंड हिल मेटल इस्टैब्लिशमेंट मामले में पहली सुनवायी की। इससे पहले इस सप्ताह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने दोनों मामलों को अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने की अर्जी स्वीकार कर ली थी।
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शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ गत वर्ष तीन मामले दायर किये गए थे।
शरीफ (68) अपनी पुत्री मरियम (44) और अपने दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद सफदर के साथ रावलपिंडी के अडियाला जेल में क्रमश: 10 वर्ष, सात वर्ष और एक वर्ष की सजा काट रहे हैं। गत छह जुलाई को एक जवाबदेही अदालत ने इन लोगों को लंदन में परिवार के चार फ्लैट के स्वामित्व को लेकर दोषी ठहराया था।
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शरीफ ने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ 16 जुलाई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक अपील दायर की थी। उसी दिन उन्होंने दो अन्य मामलों को स्थानांतरित करने की एक अर्जी दायर की थी।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने इस सप्ताह शरीफ और उनके दो पुत्रों के खिलाफ लंबित भ्रष्टाचार के मामलों को अन्य जवाबदेही अदालत को स्थानांतरित करने की अर्जी स्वीकार कर ली।
न्यायाधीश मलिक के नेतृत्व वाली जवाबदेही अदालत ने जब गुरुवार को मामले में सुनवायी शुरू की तो उन्होंने अभियोजन से शरीफ की मौजूदगी के बारे में पूछा। उन्हें राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा बताया गया कि वह जेल में हैं और उन्हें सुरक्षा कारणों से अदालत नहीं लाया गया।
न्यायाधीश ने सुनवायी सोमवार तक स्थगित कर दी और आदेश दिया कि उन्हें सुनवायी के लिए पेश किया जाए।