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करतारपुर कॉरिडोर : शिलान्यास में पाक सेना प्रमुख बाजवा के साथ दिखा खालिस्तानी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 28 Nov 2018 04:10 PM IST
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- फोटो : ANI
भारत के बाद आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी सीमा के करीब स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी वहां पहुंचे। इसके अलावा पाकिस्तान के न्योते पर भारत के दो केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और हरसिमरत कौर बादल अटारी-वाघा बॉर्डर से इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।
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समचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस समारोह में आतंकी सरगना हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाने वाला खालिस्तानी समर्थन गोपाल चावला भी मौजूद था। वह इस समारोह के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ हाथ मिलाता हुआ भी दिखा। वह कार्यक्रम के दौरान बाजवा के साथ खड़ा था।
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Screen grabs from Pakistan National broadcaster PTV, Khalistani Gopal Chawla seen with Pakistan Chief of Army Staff Qamar Javed Bajwa during #KartarpuraCorridor inauguration. pic.twitter.com/h0rsBF6oq1
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 28, 2018
इस कॉरिडोर को खोले जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इस मार्ग का दुरुपयोग भी हो सकता है। दरअसल पाकिस्तान में अभी भी खालिस्तान समर्थकों की तादाद काफी ज्यादा है और उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल है। ऐसे में आशंका है कि इस कॉरिडोर का उपयोग करते हुए खालिस्तान समर्थक पंजाब के युवाओं को उग्रवाद के लिए उकसा सकते हैं।
इतना ही नहीं, इस मार्ग का उपयोग नशीली दवाओं की तस्करी के लिए भी किया जा सकता है। यह बेहद दुखद लेकिन सच है कि इस महान धर्मस्थल के क्षेत्र को पाकिस्तान में खालिस्तान और आईएसआई का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां कई ब्लैकलिस्टेड खालिस्तानी आतंकियों के अड्डे आज भी सक्रिय हैं।
अंग्रेजी अखबार मेल टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए पाकिस्तान की रजामंदी इस बात का सबूत है कि वह धार्मिक और मानवीय पहलु की आड़ में इस मार्ग से अपने घटिया मंसूबों को पूरा करना चाहता है। इस मार्ग को खोलने और विकसित करने को वो पूरी दुनिया में प्रचारित कर रहा है। पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा यह कहता है कि वह शांति का पक्षधर है, इसीलिए वह भारतीय श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग खोलने को राजी हुआ है।