पुलवामा आतंकी हमले के गुनहगार मसूद अजहर की मौत की अटकलें
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पुलवामा आतंकी हमले के गुनहगार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की मौत की अटकलें हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मसूद की मौत किडनी फेल होने की वजह से हुई है। हालांकि इस खबर की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मसूद अजहर की मौत की खबर के बाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से ऐसी जानकारी वायरल हो रही है। इसी बीच, समाचार एजेंसी आईएएनएस ने मसूद अजहर की मौत की खबर जारी की है।
हालांकि पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद की मौत की आधिकारिक पुष्टि अभी तक पाकिस्तान सरकार की तरफ से नहीं की गई है, लेकिन कई अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट में इस खूंखार आतंकी की 2 मार्च को उसकी मौत होने का दावा किया गया है।
माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सरकार उसकी मौत की खबर सार्वजनिक करने के लिए अपनी सेना की तरफ से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है और संभव है कि अगले एक-दो दिन में इस बारे में घोषणा कर दी जाए।
गौरलतब है कि पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी गुरुवार को स्वीकार किया था कि मसूद उनके देश में ही है और बेहद बीमार है। उन्होंने कहा था कि जहां तक मेरी सूचना है, मसूद की सेहत इतनी खराब है कि वह घर से बाहर भी नहीं निकल सकता है। 1999 में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन की स्थापना कर मसूद भारत के खिलाफ ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम से अघोषित युद्ध छेड़े हुए था और इस दौरान उसने अपने फिदायीनों से भारतीय संसद पर हमले से लेकर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बमबारी समेत पठानकोट एयरबेस, उड़ी सैन्य मुख्यालय और पुलवामा जैसे तमाम घातक हमलों को अंजाम दिलाया था।
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मौत को लेकर चल रही तीन अटकलें
लिवर कैंसर से मौत-
दो दिन पहले आई एक खुफिया रिपोर्ट में था कि लिवर कैंसर से मसूद अजहर की किडनी फेल हो चुकी है और उसका पाकिस्तान के रावलपिंडी में सैन्य मुख्यालय के पास आर्मी अस्पताल में नियमित डायलिसिस चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर है।
एयर स्ट्राइक में हुआ था घायल-
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि भारतीय वायुसेना की पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा स्थित बालाकोट में जैश के प्रशिक्षण शिविर पर की गई एयर स्ट्राइक में मसूद अजहर और आईएसआई का कर्नल सलीम भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। दोनों की बाद में रावलपिंडी के अस्पताल में मौत हो गई है।
ध्यान बहकाने की पाक की साजिश-
अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर अगले 10 दिन में फैसला होना है। साथ ही भारत ने भी उसके खिलाफ पाकिस्तान को डोजियर सौंपा है। ऐसे में यह संभव है कि पाकिस्तान ने इन कार्रवाइयों से बचाव के लिए जैश सरगना को अंडरग्राउंड कर उसकी मौत की अफवाह फैला दी हो।
बता दें कि मसूद को अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का करीबी माना जाता था। 1999 में केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को एयर इंडिया के एक हाईजैक विमान में फंसे लोगों को बचाने के बदले मसूद को छोड़ना पड़ा था। उसे 1994 में जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था। रिहाई के बाद उसने जैश की स्थापना की। 2000 में उसके एक आत्मघाती हमलावर ने श्रीनगर में हमले को अंजाम दिया। जैश संसद के अलावा 2016 में पठानकोट एयरबेस और उसी साल उड़ी सैन्य बेस पर हुए आतंकी हमले में शामिल रहा है।
क्या है आतंकी मसूद का आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद
जैश-ए-मोहम्मद एक पाकिस्तानी जिहादी संगठन है जिसके आतंकी जम्मू-कश्मीर समेत भारत के कई राज्यों में हुए आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं। मार्च इसकी स्थापना साल 2000 में मसूद अजहर ने की थी। जनवरी 2002 में जब इसे पाकिस्तान की सरकार ने बैन कर दिया तब जैश ए मोहम्मद ने अपना नाम बदलकर खुद्दाम उल इस्लाम कर लिया था।
इन देशों में प्रतिबंधित है मसूद का संगठन
मसूद अजहर के आतंकी संगठन पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और भारत समेत कई देशों में प्रतिबंधित है। फिर भी मसूद अजहर पाकिस्तान में खुलेआम रैलियों में भारत के खिलाफ जहर उगलता है। मसूद अजहर को भारतीय विमान के अपहरण करने के लिए कभी कोई सजा नहीं मिली।