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सात हजार चीनियों की सुरक्षा में पाकिस्तान ने तैनात कर रखे हैं 15 हजार जवान

Mon, 12 Sep 2016 11:08 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 12 Sep 2016 11:08 AM IST
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15K Pakistanis guarding 7K Chinese working on CPEC
सीपीईसी
चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) को लेकर पाकिस्तान बेहद गंभीर है। पड़ोसी मुल्क ने इसकी सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक,  (सीपीईसी) पर काम कर रहे हर एक चीनी नागरिक की सुरक्षा के लिए दो-दो पाकिस्तानी जवान तैनात किए गए हैं। चीन के 'हर वक्त के साथी' पाकिस्तान के इस प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे के बीच ऐसे इंतजाम किए गए हैं। 
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पाकिस्तान के इस प्रोजेक्ट पर कई बार हमले भी हो चुके हैं, इसे देखते हुए  सीपीईसी पर काम कर रहे 7,036 चीनियों की सुरक्षआ मे  पाकिस्तान ने 14,503 सुरक्षाबल मुस्तैद कर दिए हैं। दरअसल, सीपीईसी पर काम करने वाले ज्यादातर चीनी  पंजाब प्रांत में काम कर रहे हैं। माना जाता है यह इलाका कई जिहादी संगठनों का अड्डा है।  
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पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में एक लिखित जवाब में बताया कि 7036 चीनी पेशेवरों की सुरक्षा में पंजाब में 6,364 जवान, बलूचिस्तान में 3134, सिंध में 2654 और  खैबर पख्तूनख्वाह में 1912 और इस्लामाबाद क्षेत्र में 439 जवान तैनात किए गए हैं। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी की शाहिदा रहमान के पूछे सवाल के जवाब में यह जानकारी पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में दी गई।
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इसलिए लगाने पड़े इतने जवान

15K Pakistanis guarding 7K Chinese working on CPEC
सीपीईसी
पाकिस्तान में इस आर्थिक कॉरिडोर को सबसे ज्यादा खतरा बलूचों से है। बलूच कई बार  इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुके हैं। वहीं, तालिबान का एक गुट चीनी नागरिकों का अपहरण भी कर चुका है। 

गौरतलब है कि सीपीईसी  करीब 2000 किमी. में फैला है। इसे आर्थिक और सामरिक लिहाज से पाकिस्तान के लिए 'गेम चेंजर' माना जा रहा है। इसके माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी। इसके जरिए चीन में काशगर से बलूचिस्तान में ग्वादर पोर्ट को सीधे जोड़ा जा सकेगा। एशिया में सभी देशों की नजर इस प्रोजेक्ट पर है।
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