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एफएटीएफ के अंतरराष्ट्रीय समीक्षा समूह की निगरानी का सामना करेगा पाकिस्तान
Mon, 17 Feb 2020 03:10 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 17 Feb 2020 03:10 AM IST
सार
आतंकी फंडिंग को लेकर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में शामिल पाकिस्तान को अब अपनी अनुपालन रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) को सौंपनी होगी।
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पाक पीएम इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
आईसीआरजी का गठन 2007 में किया गया था, जो उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की समीक्षा करता है और आतंकी वित्तपोषण के जोखिम को कम करने की सिफारिश करता है।
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पेरिस में 19 फरवरी तक होने वाली बैठक में एफएटीएफ यह समीक्षा करेगा कि क्या पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में उसकी कार्ययोजना को सही तरीके से कार्यान्वित किया है या नहीं। इस बैठक में 205 देशों के 800 से ज्यादा प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक व अन्य संगठन भी इस बैठक का हिस्सा होंगे।
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जुलाई, 2019 में चीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में आतंक के खिलाफ इस्लामाबाद के कदमों को लेकर संतोष व्यक्त किया गया था। हालांकि इसके बावजूद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा गया था। इसके बाद अक्तूबर बीजिंग में हुई एफएटीएफ के एशिया प्रशांत समूह की बैठक में तकनीकी दृष्टिकोण से पाकिस्तान के हालातों की समीक्षा की गई थी।
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एफएटीएफ ने पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक वक्त किया था। एफएटीएफ ने चेतावनी दी थी कि अगर तब तक पाकिस्तान 27 में से 22 बिंदुओं पर उसकी सिफारिशों का अनुपालन नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
अब एफएटीएफ यह फैसला करेगा कि क्या पाकिस्तान ने ब्लैक लिस्ट होने से बचने के लिए उपयुक्त कदम उठाए हैं या नहीं। अगर पाक को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है।