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पाकिस्तान में 80 मौत के बाद खुली नींद: सिंध प्रांत के 91% इमारतों में आग के खतरे, जांच में गंभीर खामियां उजागर

Fri, 13 Feb 2026 07:56 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 13 Feb 2026 07:56 PM IST
सार

पाकिस्तान के सिंध में 91 प्रतिशत से ज्यादा इमारतों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। कराची के गुल प्लाजा हादसे के बाद हुई जांच में यह सच सामने आया। प्रशासन ने मालिकों को 15 दिन में सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की चेतावनी दी है।

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Pakistan wakes up after Gul Plaza tragedy buildings Sindh province are at risk of fire reveals serious flaws
इमारत में लगी आग - फोटो : आईएएनएस

विस्तार

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में इमारतों की सुरक्षा को लेकर भारी चूक का खुलासा हुआ है। एक सरकारी कमेटी की जांच से पता चला है कि प्रांत की 91 फीसदी से ज्यादा इमारतों में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। सरकार ने अब उन सभी इमारतों को सील करने का फैसला लिया है, जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।
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हादसे के बाद खुली नींद
यह पूरी जांच कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग के बाद शुरू हुई थी। उस दर्दनाक हादसे में 80 लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस आग की वजह से हजारों लोगों को भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा था। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे के बाद ही एक विशेष कमेटी ने जांच की जिम्मेदारी संभाली थी।
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गुरुवार को हुई एक उच्चस्तरीय मीटिंग में मुख्य सचिव आसिफ हैदर शाह ने बताया कि सिंध में 3,633 इमारतों की जांच की गई। इनमें से 889 इमारतों में नियमों का गंभीर उल्लंघन मिला, इसलिए इन्हें 'हाई-रिस्क' यानी बेहद खतरनाक घोषित किया गया है। प्रशासन ने इन इमारतों को बंद करने का आदेश दिया है। वहीं, कम जोखिम वाली इमारतों के मैनेजमेंट को कमियां सुधारने के लिए कहा गया है।
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इस्लामाबाद में भी उजागर हुई खामियां
राजधानी इस्लामाबाद का हाल भी कुछ ऐसा ही है। कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीडीए) ने बताया कि शहर की ज्यादातर इमारतों ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लिया है। 'डॉन' अखबार के अनुसार, इस्लामाबाद में 6,500 इमारतों का सर्वे किया गया, जिसमें 300 सरकारी इमारतें भी शामिल थीं। सर्वे में पाया गया कि ज्यादातर इमारतों ने अपने सुरक्षा प्लान के लिए जरूरी मंजूरी ही नहीं ली थी।

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को जल्द से जल्द सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया। सीडीए चेयरमैन अली रंधावा की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में तय हुआ कि इमारत मालिकों और वहां रहने वालों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें अपने सुरक्षा सर्टिफिकेट जमा करने होंगे। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा।

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