फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan top Islamic court setting that the minimum age limit for a girls' marriage was not against the teachings of Islam 

पाकिस्तान: लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र निर्धारित करना इस्लाम के खिलाफ नहीं, शीर्ष इस्लामी अदालत ने सुनाया फैसला

Fri, 29 Oct 2021 02:08 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 29 Oct 2021 02:08 PM IST
सार

फैसले में कहा गया है कि शिक्षा महिला सशक्तिकरण के लिए मौलिक अधिकार है। शिक्षा ही उनके विकास की कुंजी है। इसी के आधार पर किसी भी राष्ट्र की नई पीढ़ी तैयार हो सकती है। 

विज्ञापन
Pakistan top Islamic court setting that the minimum age limit for a girls' marriage was not against the teachings of Islam 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

महिलाओं के अधिकारों से जुड़े एक मामले में पाकिस्तानी शीर्ष इस्लामी अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फैसले के मुताबिक, लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम उम्र निर्धारित करना इस्लाम की शिक्षाओं के विरुद्ध नहीं है। अदालत ने यह फैसला बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम की कुछ धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए सुनाया है। 

विज्ञापन


कोर्ट के इस फैसले के बाद महिला अधिकारों के प्रति एक उम्मीद जगी है और उन कट्टरपंथी मुसलमानों को झटका लगा है, जो कहते हैं कि इस्लाम में शादी के लिए कोई उम्र निर्धारित नहीं की गई है। यह फैसला संघील शरीयत न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मेाहम्मद नूर मेस्कनजई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया है। 
विज्ञापन


डॉन अखबार के मुताबिक, पीठ ने बाल विवाह प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही कहा कि इस्लामिक राज्य में लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम उम्र निर्धारित करना इस्लाम के खिलाफ नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गैर इस्लामी नहीं है कानून 
अदालत ने अपने 10 पन्नों के फैसले में माना है कि बाल विवाह पर प्रतिबंध संबंधी कानून गैर इस्लामी नहीं है। विवाह के लिए लड़कियों और लड़कों की न्यूनतम उम्र निर्धारत करना इस्लामिक शिक्षाओं के खिलाफ नहीं है। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि शिक्षा और जागरूकता की व्यापकता की आवश्कता है। शिक्षा सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है, चाहें वह किसी भी जेंडर का हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed