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Munir Iran Visit: अमेरिका का संदेश लेकर ईरान पहुंचे आसिम मुनीर? जानें क्या फिर शुरू हो सकती है शांतिवार्ता

Wed, 15 Apr 2026 08:06 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 15 Apr 2026 08:06 PM IST
सार

पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ईरान पहुंचे हैं, जहां वे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बहाल कराने को लेकर उच्चस्तरीय चर्चा करेंगे। 

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Pakistan talks 2026 Asim Munir Iran visit US negotiation can restart mediation role West Asia crisis diplomacy
आसिम मुनीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान पहुंच गए हैं। ईरानी सूत्रों के मुताबिक वह एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचे हैं। यहां अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू कराने पर चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। इस बैठक में दोनों देशों के बीच ठप पड़ी वार्ता को दोबारा शुरू करने और संघर्ष कम करने के विकल्पों पर बातचीत की जाएगी।
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पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस यात्रा का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को फिर से पटरी पर लाना और संघर्ष को कम करना है।
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क्या पाकिस्तान निभा रहा है मध्यस्थ की भूमिका?
यह दौरा पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान लगातार दोनों देशों के बीच बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले भी इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
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फिर क्यों शुरू हो सकती है वार्ता?
  • संघर्ष बढ़ने का खतरा... अमेरिका और ईरान के बीच तनाव युद्ध की ओर बढ़ रहा है, इसलिए दोनों पक्ष टकराव टालना चाहते हैं।
  • वैश्विक दबाव... दुनिया के कई देश चाहते हैं कि हालात शांत हों, ताकि तेल और व्यापार प्रभावित न हो।
  • आर्थिक नुकसान... लगातार तनाव से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, खासकर ईरान पर।
  • मध्यस्थ देशों की पहल... पाकिस्तान जैसे देश लगातार दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार कर रहे हैं।
  • अधूरी पिछली वार्ता... पिछली बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई, इसलिए उसी को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।

क्या ट्रंप ने दिए नए संकेत?
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बातचीत का दूसरा दौर हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में इस्लामाबाद में फिर से बैठक हो सकती है। हालांकि पिछली वार्ता इसलिए विफल रही क्योंकि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी शर्तें मानने से इनकार कर दिया। ऐसे यह भी माना जा रहा इसीलिए 

क्या शहबाज के दौरे से बढ़ेगा दबाव?
इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के दौरे पर हैं। इन दौरों का मकसद क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान कई देशों के साथ मिलकर इस संकट का समाधान तलाशने में जुटा है।

क्या टकराव से वैश्विक असर बढ़ा है?
अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद शुरू हुए इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार को प्रभावित किया है। तेल आपूर्ति और समुद्री रास्तों पर असर पड़ा है। ऐसे में पाकिस्तान की यह पहल क्षेत्र में स्थिरता लाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

 
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