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Pak Embassy Attack: पाकिस्तान ने अफगान राजदूत को किया तलब, काबुल दूतावास हमले को लेकर जताया कड़ा विरोध
Sat, 03 Dec 2022 03:38 PM IST
गुलाम अहमद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 03 Dec 2022 03:38 PM IST
सार
Pak Embassy Attack: काबुल में शुक्रवार को पाकिस्तान के दूतावास पर हमला हुआ था, जिसमें पाक राजदूत उबैद-उर-रहमान निजामानी बाल-बाल बचे थे। इसके फौरन बाद पाकिस्तान ने हमले की तत्काल निंदा की थी और जांच की मांग की थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
पाकिस्तान ने काबुल में अपने दूतावास पर हुए हमले को लेकर इस्लामाबाद में अफगानिस्तान के राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया। पाक सरकार ने काबुल में अपने मिशन प्रमुख पर हुए हमले को लेकर भी अपनी चिंताओं से अवगत कराया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि अफगान राजनयिक को शुक्रवार शाम को तलब किया गया और इस घटना पर पाकिस्तान की गंभीर चिंता से अवगत कराया गया, जिसमें मिशन प्रमुख पर हमला किया गया. हालांकि, वह सुरक्षित हैं, लेकिन गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। बयान में कहा गया कि अफगान राजनयिक को अवगत कराया गया कि पाकिस्तान के राजनयिक मिशन और कर्मियों की सुरक्षा अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी थी और यह घटना सुरक्षा में गंभीर चूक है।
बता दें, अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शुक्रवार को पाकिस्तान के दूतावास पर हमला हुआ था, जिसमें पाक राजदूत उबैद-उर-रहमान निजामानी बाल-बाल बचे थे। इसके फौरन बाद पाकिस्तान ने हमले की निंदा की थी और जांच की मांग की थी। पाक सरकार ने मांग की है कि हमले में शामिल अपराधियों को पकड़ा जाए और उन्हें तत्काल सजा दिलाई जाए। साथ ही पाकिस्तान ने राजनयिक परिसरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने की मांग की है।
अफगानिस्तान ने हमले के गुनहगारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया
विदेश कार्यालय के मुताबिक, हमले के बाद अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को फोन किया था और निजामनी को निशाना बनाकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही मुत्तकी ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए आश्वासन दिया कि अफगान सरकार हमले में शामिल आतंकियों को तेजी से न्याय के कटघरे में लाएगी।
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काबुल से राजनयिकों को बुलाने से इनकार
पाक दूतावास पर हमले के लेकर बिलावल ने कहा था कि अफगान सरकार को आतंकवादियों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंधों को कमजोर करने से रोकना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस तरह के कायराना हमलों से पाकिस्तान विचलित नहीं होगा। वहीं पाक विदेश कार्यालय ने काबुल से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि दूतावास को बंद करने या काबुल से राजनयिकों को वापस बुलाने की कोई योजना नहीं है।
पाक विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में कहा था कि हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान अन्य देशों में आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग नहीं करने देने के वादे पर खरा उतरेगा। उन्होंने कहा था कि राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने अपनी काबुल यात्रा के दौरान पाकिस्तान की प्रमुख चिंताओं और प्राथमिकताओं को उठाया और दोनों पक्ष विभिन्न मुद्दों पर एक कार्रवाई तंत्र विकसित करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने आश्वस्त किया है कि उसके क्षेत्र का इस्तेमाल पाकिस्तान या किसी अन्य देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं किया जाएगा।
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बता दें, अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शुक्रवार को पाकिस्तान के दूतावास पर हमला हुआ था, जिसमें पाक राजदूत उबैद-उर-रहमान निजामानी बाल-बाल बचे थे। इसके फौरन बाद पाकिस्तान ने हमले की निंदा की थी और जांच की मांग की थी। पाक सरकार ने मांग की है कि हमले में शामिल अपराधियों को पकड़ा जाए और उन्हें तत्काल सजा दिलाई जाए। साथ ही पाकिस्तान ने राजनयिक परिसरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने की मांग की है।
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अफगानिस्तान ने हमले के गुनहगारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया
विदेश कार्यालय के मुताबिक, हमले के बाद अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को फोन किया था और निजामनी को निशाना बनाकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही मुत्तकी ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए आश्वासन दिया कि अफगान सरकार हमले में शामिल आतंकियों को तेजी से न्याय के कटघरे में लाएगी।
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काबुल से राजनयिकों को बुलाने से इनकार
पाक दूतावास पर हमले के लेकर बिलावल ने कहा था कि अफगान सरकार को आतंकवादियों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंधों को कमजोर करने से रोकना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस तरह के कायराना हमलों से पाकिस्तान विचलित नहीं होगा। वहीं पाक विदेश कार्यालय ने काबुल से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि दूतावास को बंद करने या काबुल से राजनयिकों को वापस बुलाने की कोई योजना नहीं है।
पाक विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में कहा था कि हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान अन्य देशों में आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग नहीं करने देने के वादे पर खरा उतरेगा। उन्होंने कहा था कि राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने अपनी काबुल यात्रा के दौरान पाकिस्तान की प्रमुख चिंताओं और प्राथमिकताओं को उठाया और दोनों पक्ष विभिन्न मुद्दों पर एक कार्रवाई तंत्र विकसित करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने आश्वस्त किया है कि उसके क्षेत्र का इस्तेमाल पाकिस्तान या किसी अन्य देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं किया जाएगा।