पाक ने भारत के खिलाफ फिर उगली आग, बोला- दिल्ली में हिंसा नफरत भरी भाषा का नतीजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान ने फिर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार शुरू कर दिया है। दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर पाकिस्तान ने कहा है कि यह अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार अपनाए जा रहे भेदभाव और बहुसंख्यकों की ओर से लगातार इस्तेमाल होने वाली दबंगई वाली भाषा का नतीजा है।
पाकिस्तान ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और नफरत फैलाने वाला बताया है। पाकिस्तान ने कहा कि वह पिछले कुछ सालों से भारत में इस खास नजरिए को महसूस कर रहा है और खासकर पिछले कुछ महीनों से तो यह पैटर्न भारत के तमाम हिस्सों में तेजी से नजर आ रहा है। खासकर अगस्त में कश्मीर में की गई कार्रवाई के बाद से अब ये स्थिति दिल्ली में दिखाई दे रही है। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के बयान को उसका अनर्गल दुष्प्रचार कहकर खारिज कर दिया है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारुकी ने दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि पाकिस्तान खुद अपने देश में ऐसे आंतरिक संकटों को झेलता रहा है। इस बारे में पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव का नाम लेने में कोताही नहीं बरती और आरोप लगाया कि जाधव पाकिस्तान के खिलाफ भारत के आतंकी अभियान की एक अहम मिसाल है।
पाकिस्तान ने भारत और अमेरिका के बीच हुए ताजा सैन्य समझौते पर भी कड़ा ऐतराज जताया है और आशंका जताई है कि इससे आसपास के क्षेत्र में अशांति और बढ़ सकती है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पहले भी कई बार भारत के इस रुख को न सिर्फ पाकिस्तान के लिए बल्कि अन्य पड़ोसी देशों के लिए बेहद खतरनाक बताया है।
पाकिस्तान ने भारत और अमेरिका के बीच हुए ताजा सैन्य समझौते पर भी कड़ा ऐतराज जताया है और आशंका जताई है कि इससे आसपास के क्षेत्र में अशांति और बढ़ सकती है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पहले भी कई बार भारत के इस रुख को न सिर्फ पाकिस्तान के लिए बल्कि अन्य पड़ोसी देशों के लिए बेहद खतरनाक बताया है।
भारत की भाषा आपत्तिजनक: पाक
पाकिस्तान ने इस बारे में कई बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के बारे में हमेशा धमकी देने वाले अंदाज और नफरत भरी भाषा में बात करता है, जो बेहद आपत्तिजनक है।
कश्मीर विवाद के हल से इलाके में आएगी शांति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान कश्मीर पर मध्यस्थता करने के उनके प्रस्ताव का पाकिस्तान ने स्वागत किया है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसे भरोसा है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी ओर से बार बार उटाए जा रहे इस मसले को गंभीरता से लिया जाएगा। कश्मीर विवाद का हल ही इलाके में शांति और सद्भाव का एकमात्र तरीका हो सकता है।
पाकिस्तान ने अमेरिका में भारतीय शोध संस्थानों में पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि वह ऐसी हर गतिविधि को लेकर गंभीर है और अपने खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी आवाज उठा रहा है।