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Pakistan: सीनेट ने हिंसक उग्रवाद रोकथान विधेयक को किया खारिज, सत्तारूढ़ गठबंधन सहित अन्य सांसदों ने किया विरोध

Sun, 30 Jul 2023 09:48 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, इस्लामाबाद।
पीटीआई, इस्लामाबाद। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 30 Jul 2023 09:48 PM IST
सार

विधेयक में कहा गया था कि जो लोग अपनी शक्ति प्रदर्शन या दिखावे के लिए अन्य लोगों का आह्वान करते हैं, चरमपंथी सामग्री का प्रचार और प्रकाशन करते हैं, कट्टरपंथ के लिए सभी प्रकार के मीडिया का उपयोग करते हैं या लोगों के विश्वास से छेड़छाड़ करते है या सांप्रदायिक हिंसा भड़काते हैं, वे हिंसक उग्रवाद के दोषी होंगे।

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Pakistan Senate drops bill to prevent violent extremism following opposition from lawmakers
पाकिस्तानी सीनेट (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तानी सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी (Sadiq Sanjrani) ने रविवार को सत्तारूढ़ गठबंधन सहित सांसदों के कड़े विरोध के बाद देश में हिंसक उग्रवाद को रोकने के उद्देश्य से लाए गे एक विधेयक को "ड्रॉप कर दिया"। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह की ओर से कानून और न्याय राज्यमंत्री शहादत अवान द्वारा पेश किए गए 'हिंसक उग्रवाद रोकथाम विधेयक-2023' (The Prevention of Violent Extremism Bill 2023) को सभापति ने खारिज कर दिया, क्योंकि कई सांसदों ने इसका विरोध किया।

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विधेयक में कहा गया था कि जो लोग अपनी शक्ति प्रदर्शन या दिखावे के लिए अन्य लोगों का आह्वान करते हैं, चरमपंथी सामग्री का प्रचार और प्रकाशन करते हैं, कट्टरपंथ के लिए सभी प्रकार के मीडिया का उपयोग करते हैं या लोगों के विश्वास से छेड़छाड़ करते है या सांप्रदायिक हिंसा भड़काते हैं, वे हिंसक उग्रवाद के दोषी होंगे।
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इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के सांसद मोहम्मद हुमायूं मोहमंद (Mohammad Humayun Mohmand) ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि विधेयक रविवार को क्यों पेश किया जा रहा था। उन्होंने पूछा, क्या पाकिस्तान में कोई आपातकाल है कि हम रविवार को, सार्वजनिक छुट्टियों पर आकर ऐसा करें? पीटीआई नेता ने कहा कि अगर उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए ऐसा कानून पारित किया जाता है, तो इससे इसकी विश्वसनीयता ही बढ़ेगी। उन्होंने कहा, अगर हम जल्दबाजी में कुछ करते हैं क्योंकि सरकार सोचती है कि बहुत कम समय बचा है, तो जल्दबाजी बर्बादी करती है।
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रविवार को सत्र आयोजित करने का बचाव करने की कोशिश करने वाली जलवायु मंत्री शेरी रहमान ने कहा कि पहले भी सत्र रविवार और शनिवार को बुलाए जाते रहे हैं।अन्य सांसदों के बयानों पर टिप्पणी करते हुए जिन्होंने सवाल उठाया कि एजेंडे में शामिल विधेयकों को संबंधित समितियों को क्यों नहीं भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, शायद, वे नहीं जानते कि जब नेशनल असेंबली (एनए) अपना कार्यकाल पूरा कर लेती है, तो वहां से जो बिल आते हैं, नियम यह है कि जिस दिन असेंबली का कार्यकाल समाप्त होता है, वे निष्फल हो जाते हैं। शेरी ने कहा कि असेंबली का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी सीनेट विधेयकों में संशोधन पेश कर सकती है। उन्होंने कहा, किसी को भी जल्दबाजी में कानून पसंद नहीं है। 

सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के सीनेटर इरफान सिद्दीकी ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के सदस्य के रूप में शायद उनकी "मजबूरी" थी कि वे विधेयक के पक्ष में मतदान करते। साथ ही उन्होंने कहा कि आज (रविवार) के एजेंडे में कई विधेयक "महत्वपूर्ण" थे। हिंसक उग्रवाद रोकथाम विधेयक के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें "विशाल क्षेत्र" शामिल हैं। सीथ ही बताया कि विधेयक में 33 अनुच्छेद और 100 उप-खंड हैं जो राजनेताओं और आम आदमी सहित सभी पर लागू होते हैं। सिद्दीकी ने बताया कि बिल नेशनल असेंबली से नहीं आया था, यह सीधे सीनेट में पेश किया गया था।

उन्होंने कहा, सीधे हमारे पास आने के बाद इसे नेशनल असेंबली को भेजने से पहले अच्छी तरह से देख लेना हमारी जिम्मेदारी है। हम इसके लक्ष्य और उद्देश्यों से सहमत हैं लेकिन हमें डर है कि अगर यह विधेयक बिना समिति के पास जाए वैसे ही मंजूर हो गया... तो शायद भविष्य में इसके चंगुल से बचना मुश्किल हो सकता है।

सभापति संजरानी से पूछा, क्या इस विधेयक का विरोध है? जिस पर सीनेटरों ने कहा कि हां ऐसा है।  बलूचिस्तान अवामी पार्टी से आने वाले संजरानी ने फिर पूछा, "क्या मुझे इसे समिति को भेजना चाहिए या इसे पारित कराना चाहिए?" इस्लामिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के सीनेटर कामरान मुर्तजा ने कहा कि ऐसे किसी भी कानून के लिए सहयोगी दलों को विश्वास में लेना जरूरी है।

मुर्तजा ने कहा, आप इस कानून से अपने हाथ काट रहे हैं। आपको इसका एहसास नहीं है... लेकिन जहां मौलिक अधिकारों में कटौती की जा रही है और आप इस तरीके से, इतनी जल्दबाजी में और छुट्टियों के दौरान कानून बनाना चाहते हैं। तब मैं एक गठबंधन सीनेटर के रूप में अपना विरोध व्यक्त करता हूं। मुर्तजा ने कहा कि यह बिल भविष्य में सभी के लिए समस्या बन जाएगा। उन्होंने आगे कहा, तो कृपया इस तरह का कानून न बनाएं जो संविधान के अनुच्छेदों का अपमान कर रहा है।

नेशनल पार्टी (एनपी) के सीनेटर ताहिर बिजेंजो ने कहा कि दुर्भाग्य से दो राजनीतिक दल, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पीएमएल-एन सभी निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने पीएमएल-एन का मुद्दा उठाया और कहा कि पार्टी ने अपने कार्यकाल में लाए गए कानून पर किसी को भी विश्वास में नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा बिल लोकतंत्र पर एक "खुला हमला" है और वह "बिल का पुरजोर विरोध" करते हैं। उन्होंने कहा, अगर इसे पेश किया जाता है तो हम सांकेतिक बहिर्गमन करेंगे।

विधेयक में कहा गया है कि "हिंसक उग्रवाद" करने का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को आतंकवाद विरोधी अधिनियम 1997 (एटीए) की दूसरी अनुसूची या किसी संगठन के मामले में पहली अनुसूची में सूचीबद्ध किया जा सकता है। इसमें कहा गया है, सूचीबद्ध व्यक्तियों को किसी भी स्तर पर चुनाव में भाग लेने से रोका जा सकता है।यह एक प्रमुख प्रावधान है जो आने वाले महीनों में आम चुनावों में कई पीटीआई उम्मीदवारों की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। इसमें आगे कहा गया है कि सूचीबद्ध संगठन के नाम पर सभी संपत्तियां और बैंक खाते तुरंत जब्त कर लिए जाएंगे।

विधेयक में आगे कहा गया है कि कोई भी लोक सेवक हिंसक उग्रवाद से संबंधित किसी भी गतिविधि में खुद को, अपने विभाग या अपने परिवार के सदस्यों को शामिल नहीं करेगा। यदि वे ऐसा करते हैं तो विभागीय कार्यवाही के अलावा विधेयक के तहत भी दंडनीय होंगे।

विधेयक में हिंसक उग्रवाद के लिए सजा का भी विवरण दिया गया है। कोई भी व्यक्ति जो हिंसक उग्रवाद करता है, दोषी पाए जाने पर उसे किसी भी अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी, जिसे दस साल तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन तीन साल से कम नहीं होगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 20 लाख पाकिस्तानी रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन 5,00,000 रुपये से कम नहीं होगा। 


विधेयक में कहा गया है कि हिंसक उग्रवाद में शामिल पाए जाने वाले किसी भी संगठन पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, लेकिन पांच लाख रुपये से कम नहीं। विधेयक में आगे कहा गया है, दोषी पाए जाने पर ऐसा संगठन तुरंत भंग या समाप्त हो जाएगा, चाहे जैसा भी मामला हो।

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