Pakistan: इमरान से बातचीत के सवाल पर पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन में फूट
Pakistan: पाकिस्तान के अखबार द डॉन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को हुई पीडीएम के टॉप नेताओं की बैठक में पीपीपी के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने इमरान खान की पार्टी के साथ बातचीत शुरू करने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर पीटीआई से वार्ता होनी चाहिए...
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पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से बातचीत के सवाल पर दो खेमे बन गए हैं। मतभेदों को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सत्ताधारी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) मंगलवार को बैठक बुलाई, लेकिन उसमें कोई समाधान नहीं निकल सका।
जिस समय शरीफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद पंजाब में प्रांतीय असेंबली का चुनाव टलवाने में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है, गठबंधन के एक प्रमुख दल दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने पीटीआई के साथ बातचीत शुरू करने की मांग रख दी है। जबकि पीडीएम में शामिल जमात-ए-उलेमा (एफ) और जम्हूरी वतन पार्टी पीटीआई के साथ किसी प्रकार के संपर्क के खिलाफ हैं। पीटीआई से वार्ता को लेकर प्रधानमंत्री शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) का रुख भी सख्त है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर गठबंधन के भीतर आम सहमति तैयार करने की पहल की है।
पाकिस्तान के अखबार द डॉन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को हुई पीडीएम के टॉप नेताओं की बैठक में पीपीपी के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने इमरान खान की पार्टी के साथ बातचीत शुरू करने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर पीटीआई से वार्ता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत के दरवाजे बंद करना लोकतंत्र और राजनीतिक लोकचार के खिलाफ है। साथ ही यह पीपीपी के सिद्धांतों के खिलाफ भी है। बताया जाता है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) के नेता चौधरी सालिक हुसैन और गठबंधन में शामिल कुछ अन्य छोटे दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर बिलावल भुट्टो जरदारी का समर्थन किया।
उधर गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने आरोप लगाया है कि बातचीत के रास्ते में इमरान खान ने रुकावट खड़ी कर रखी है। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने ध्यान दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री खान बातचीत की पेशकश को ठुकरा चुके हैं। लेकिन पीएमएल (नवाज) की नेता और सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने अखबार डॉन से कहा- पीटीआई के साथ बातचीत शुरू करने संबंधित तमाम विकल्पों पर पार्टी के अंदर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला सत्ताधारी गठबंधन के अंदर आम सहमति बनने के बाद किया जाएगा।
सत्ताधारी गठबंधन की बैठक में अगले चुनावों के लिए धन उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस दौरान एक राय यह उभरी कि सरकार पहले यह तर्क दे चुकी है कि चुनाव कराने के लिए जरूरी सरकार के पास नहीं है। ऐसे में अब धन उपलब्ध कराने के बारे में बात करना खुद अपने रुख को काटना होगा। पंजाब प्रांत में चुनाव कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार ने कहा था कि चुनाव के लिए आवंटित करने लायक पैसा उसके पास नहीं है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मकसद से 21 अरब रुपये निर्वाचन आयोग को देने का निर्देश सरकार को दिया था।
बैठक मे सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने यह संकल्प भी लिया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद वर्तमान सरकार अपना कार्यकाल पूरा करें, इसे वे सुनिश्चित करेंगे। इस सरकार का कार्यकाल इस वर्ष अक्तूबर तक है।