{"_id":"5d89e9018ebc3e016d631166","slug":"pakistan-refused-allegations-of-terrorist-camps-in-balakot-said-india-try-to-divert-kashmir-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालाकोट में आतंकी शिविरों का आरोप बेबुनियाद, कश्मीर मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहता है भारत: पाकिस्तान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
बालाकोट में आतंकी शिविरों का आरोप बेबुनियाद, कश्मीर मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहता है भारत: पाकिस्तान
Tue, 24 Sep 2019 03:29 PM IST
Nilesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Nilesh Kumar
Updated Tue, 24 Sep 2019 03:29 PM IST
विज्ञापन
shah mehmood qureshi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान ने बालाकोट में आतंकी शिविरों के फिर से सक्रिय होने के भारतीय सेना प्रमुख के बयान को बेबुनियाद बताया है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को चेन्नई में कहा था कि पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट में आतंकी शिविरों को फिर शुरू कर दिया है और करीब 500 घुसपैठिए भारत में घुसने की फिराक में हैं।
विज्ञापन
इस वर्ष की शुरुआत में भारतीय सैन्य बलों ने सर्जिकल स्ट्राइक कर बालाकोट स्थित आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया था। जनरल रावत ने तमिलनाडु में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी में संवाददाताओं से कहा था कि आतंकी संगठनों के फिर से सक्रिय होने पर भारत का जवाब फरवरी में किए गए हवाई हमलों से कहीं बढ़कर हो सकता है।
विज्ञापन
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर भारत के सेना प्रमुख के वक्तव्य को पूरी तरह से आधारहीन बताया है। पाक ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ किए जाने के आरोप लगाकर भारत जम्मू-कश्मीर की स्थिति से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली(भारत सरकार) इस तरह की तिकड़मों से विश्व समुदाय का ध्यान भटकाने के प्रयासों में सफल नहीं होगी।
विज्ञापन
कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनाने के पाकिस्तान के प्रयासों के बीच भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करना उसका आंतरिक मामला है।
मालूम हो कि इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद ने कश्मीर के पुलवामा में सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।