फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan President rejected the ordinance, then shahbaz Sharif government increased the GST

Pakistan: राष्ट्रपति ने अध्यादेश ठुकराया, तो शरीफ सरकार ने बढ़ा दी जीएसटी

Wed, 15 Feb 2023 04:54 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 15 Feb 2023 04:54 PM IST
सार

Pakistan: आरिफ अल्वी का संबंध पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से रहा है। उनके बारे में समझा जाता है कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी वे इमरान खान के प्रति वफादार रहे हैं...

विज्ञापन
Pakistan President rejected the ordinance, then shahbaz Sharif government increased the GST
Pakistan: राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ - फोटो : for reference only

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को खुश करने के लिए हाथ-पांव मार रही पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के आगे एक नई मुश्किल आ खड़ी हुई है। शरीफ सरकार ने अतिरिक्त राजस्व जुटाने की आईएमएफ की शर्त पूरा करने के लिए नए टैक्स लगाने का फैसला किया। उसने इसके लिए एक अध्यादेश जारी करने का निर्णय लिया। लेकिन राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अध्यादेश जारी करने की शरीफ सरकार की गुजारिश को ठुकरा दिया।

विज्ञापन

इसके बाद देर रात सरकार ने जीएसटी में 18 फीसदी इजाफे का एलान कर दिया है। बताया गया है कि इससे सरकार को 115 अरब रुपये की अतिरिक्त आय होगी। अगर राष्ट्रपति अध्यादेश पर दस्तखत कर देते, तो उससे 170 अरब रुपये की अतिरिक्त आय होती। लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि इस एलान से आईएमएफ संभवतया संतुष्ट नहीं होगा। इसलिए कि नियमों के मुताबिक जीएसटी में वृद्धि संसद में बिल पारित करवाने या अध्यादेश के जरिए ही की जा सकती है।

विज्ञापन

पर्यवेक्षकों के मुताबिक राष्ट्रपति ने जो रुख दिखाया, उससे यह जाहिर हुआ है कि नए टैक्स के मुद्दे पर देश में राजनीतिक आम सहमति नहीं है। इसका असर आईएमएफ के रुख पर पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आरिफ अल्वी का संबंध पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से रहा है। उनके बारे में समझा जाता है कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी वे इमरान खान के प्रति वफादार रहे हैं। इसलिए अध्यादेश पर दस्तखत करने से उनके इनकार को देश में जारी तीखी सियासी होड़ से जोड़ कर देखा जा रहा है।

मंगलवार देर रात राष्ट्रपति भवन ने एक बयान जारी किया। उसमें बताया गया कि वित्त मंत्री इशहाक डार राष्ट्रपति से मिले और आईएमएफ के साथ बातचीत में हुई प्रगति की जानकारी उन्हें दी। आईएमएफ पाकिस्तान को लगभग सात बिलियन डॉलर का नया कर्ज देने पर राजी हुआ है, लेकिन इसके लिए उसने कई शर्तें भी लगाई हैं।

राष्ट्रपति आवास के बयान के मुताबिक आरिफ अल्वी ने आईएमएफ से ऋण पाने के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों की तारीफ की। बयान के मुताबिक वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति को बताया कि सरकार अध्यादेश जारी कर अतिरिक्त राजस्व जुटाना चाहती है। इस पर आरिफ अल्वी ने कहा कि ऐसे कदम संसद को भरोसे में लेकर उठाना ही उचित होगा। उन्होंने सलाह दी कि सरकार जल्द संसद का सत्र बुलाए और विधेयक पारित कर नए टैक्स का प्रावधान करे।

विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार ने अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए जीएसटी में वृद्धि से पहले अब तक दो कदम उठाए थे। वह बिजली शुल्क और प्राकृतिक गैस की कीमत बढ़ा चुकी है। गैस की कीमत में बढ़ोतरी से सरकार को 310 अरब रुपये की अतिरिक्त आय होगी। इस महीने बिजली शुल्क में प्रति यूनिट तीन रुपये 30 पैसे की वृद्धि की गई है, जिससे सरकार को 237 अरब रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। सरकार ने एलान किया है कि अगले जून में पेश होने वाले बजट में 189 अरब रुपये का नया टैक्स लगाया जाएगा।

लेकिन इन कदमों से आईएमएफ की मांग पूरी नहीं हुई है। इसलिए सरकार कई अन्य क्षेत्रों में नए कर लगाना चाहती है। लेकिन इसके लिए उसे अभी इंतजार करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed