Pakistan: पाकिस्तान में अब सीधे सेना और इमरान के बीच आमना-सामना, विस्फोटक बने हालात
इमरान खान ने दावा किया है कि उन्हें बुधवार को ही सूचना मिली थी कि उन पर हमले की साजिश रची गई है, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री राना सनाउल्लाह के अलावा मे.ज. नसीर भी शामिल हैं। सेना ने कहा है कि तुच्छ आरोप लगा कर उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
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पाकिस्तान में अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना सीधे आमने-सामने खड़े हो गए हैं। गुरुवार को इमरान खान पर हुए कातिलाना हमले के बाद घटनाक्रम ने यह मोड़ लिया है। इमरान खान की तरफ से गुरुवार को ही उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक नेता ने बयान जारी किया था। उसमें वजीराबाद में खान के ऊपर हुई फायरिंग के लिए जिन लोगों तीन लोगों को जिम्मेदार बताया गया, उनमें सेना के काउंटर-इंटेलीजेंस के प्रमुख मेजर जनरल फैसल नसीर का नाम भी था। शुक्रवार देर शाम खान ने देश के नाम जारी अपने वीडियो संबोधन में मे.ज. नसीर का फिर से नाम लिया। उससे सैन्य नेतृत्व भड़क उठा है।
खबरों के मुताबिक सैन्य नेतृत्व के दबाव में पाकिस्तान के मेनस्ट्रीम मीडिया में मे.ज. नसीर का नाम लेकर उल्लेख नहीं किया जा रहा है। उधर सेना के जन संपर्क विभाग ने शुक्रवार रात बेहद तल्ख लहजे में इमरान खान के आरोप का जवाब दिया। इसमें कहा गया कि पीटीआई के अध्यक्ष ने संस्था (सेना) और एक सैन्य वरिष्ठ पर जिस तरह के आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह अस्वीकार्य और अवांछित है। यह इल्जाम बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना है।
इमरान खान ने दावा किया है कि उन्हें बुधवार को ही सूचना मिली थी कि उन पर हमले की साजिश रची गई है, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री राना सनाउल्लाह के अलावा मे.ज. नसीर भी शामिल हैं। सेना ने कहा है कि तुच्छ आरोप लगा कर उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। सेना ने अब सरकार से कहा है कि वह मामले की पूरी जांच कराए और बिना किसी साक्ष्य के इस संस्था को बदनाम करने वाले और झूठे आरोप लगाने वाले लोगों के खिलाफ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करे।
जानकारों ने कहा है कि इस घटनाक्रम के बाद अब पाकिस्तान की हालत और विस्फोटक हो गई है। पीटीआई के समर्थक लगातार देश में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सैनिक ठिकानों और सैन्य अधिकारियों के आवास को खास निशाना बनाया है। लाहौर में सैनिक छावनी के पास शुक्रवार को बड़ी भीड़ जुटने के बाद सेना ने वहां युद्ध जैसी मोर्चेबंदी कर दी। देश के कई दूसरे शहरों में भी प्रदर्शन, आगजनी और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की झड़पें हुईं। रावलपिंडी में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। आशंका जताई जा रही है कि प्रदर्शन जारी रहने पर आंदोलन को दबाने की कमान सेना सीधे अपने हाथ में ले सकती है।
पीटीआई नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे विरोध प्रदर्शनों को जारी रखेंगे। उधर इमरान खान ने कहा है कि इलाज पूरा होने के बाद वे तुरंत अपने लॉन्ग मार्च को दोबारा शुरू कर देंगे। उन्होंने उन पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि जब तक शहबाज शरीफ, सनाउल्लाह और मे.ज. नसीर अपने पदों से इस्तीफा नहीं देते, ऐसी जांच संभव नहीं हो पाएगी।
पीटीआई ने कहा है कि यह आंदोलन आम चुनाव के कार्यक्रम का एलान होने तक जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शनों के दौरान पीटीआई कार्यकर्ता मे.ज. नसीर के इस्तीफे की मांग के पक्ष में और सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैँ। विश्लेषकों ने कहा है कि यह पाकिस्तान में अभूतपूर्व नजारा है।