पाकिस्तान आर्थिक संकट: IMF से बेलआउट के लिए फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, शहबाज शरीफ को उम्मीद- शर्तें होंगी पूरी
शहबाज सरकार ने दावा किया है कि उसने इस बजट को आईएमएफ के साथ साझा किया है। पाकिस्तान को बजट में आईएमएफ को संतुष्ट करने की जरूरत है, ताकि नकदी संकट से जूझ रहे देश के लिए और बेलआउट राशि जारी की जा सके।
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राजनीतिक अस्थिरता के बीच पाकिस्तान भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस बीच देश प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को उम्मीद जताई है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) 6.7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज को फिर से शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद वैश्विक ऋणदाता की ओर से निर्धारित सभी पूर्व शर्तों को पहले ही पूरा कर चुका है।
शरीफ की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वित्त मंत्री इशाक डार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 14 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये का बजट पेश किया है। सरकार ने दावा किया है कि उसने इस बजट को आईएमएफ के साथ साझा किया है। पाकिस्तान को बजट में आईएमएफ को संतुष्ट करने की जरूरत है, ताकि नकदी संकट से जूझ रहे देश के लिए और बेलआउट राशि जारी की जा सके। देश में नवंबर तक आम चुनाव होने हैं।
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) गठबंधन सरकार के संघीय मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, नौवीं समीक्षा जल्द पूरी हो जाएगी। जलवायु परिवर्तन के कारण आई विनाशकारी बाढ़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को तीस अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन संकट ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में वस्तुओं की कीमतों को भी बढ़ा दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि उसकी राजनीतिक स्थिरता से जुड़ी होती है और राजनीतिक स्थिरता के बिना अरबों का बजट भी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में कोई अंतर पैदा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई के कारण आम आदमी को हो रही समस्याओं से अवगत है। हमें वेतनभोगी वर्ग के साथ-साथ पेंशनभोगियों का भी ध्यान रखना होगा ताकि वे अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
उन्होंने कहा कि पिछले 14 महीनों से सत्ता संभालने के बाद से सरकार आईएमएफ की चुनौती, बाढ़ के बाद की स्थिति और वैश्विक महंगाई से निपटने के लिए थी। शरीफ ने इस बात पर भी संतोष जताया कि 10 महीने में चालू घाटा कम होकर 3.3 अरब डॉलर रह गया और उम्मीद जताई कि कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। डार ने अगले साल के लिए 3.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर का लक्ष्य घोषित किया है।
नकदी संकट के बीच 15.5 फीसदी बढ़ाया रक्षा व्यय
नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने रक्षा खर्च में 15.5 फीसदी की वृद्धि की और सेना के लिए 1.8 ट्रिलियलन पाकिस्तानी रुपये से अधिक का आवंटन किया। सरकार ने 2023-24 के लिए 14.4 ट्रिलियन रुपये का बजट पेश किया है। संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार आगामी वित्त वर्ष में 3.5 फीसदी की वृद्धि दर का लक्ष्य रखेगी। डार ने कहा, 'इस बजट को चुनावी बजट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे एक जिम्मेदार बजट के रूप में देखा जाना चाहिए।' डार पिछले साल अप्रैल में इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक उथल-पुथल के बीच इस साल के अंत में होने वाले अगले आम चुनावों के लिए तैयार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षा के लिए 1,804 अरब रुपये की राशि प्रस्तावित है, जो पिछले साल आवंटित 1.523 अरब रुपये से अधिक है। रक्षा व्यय पिछले साल की तुलना में 15.5 फीसदी अधिक है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 1.7 फीसदी है।