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पाकिस्तान में कोरोना का कहर, इमरान खान बोले- स्मार्ट लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प
Fri, 12 Jun 2020 10:40 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 12 Jun 2020 10:40 AM IST
सार
- कोरोना से लड़ाई में स्मार्ट लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प: इमरान खान
- पाकिस्तान ने अन्य देशों के समान लॉकडाउन लागू नहीं किया: इमरान
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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विस्तार
पाकिस्तान में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच, प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को कहा कि उन्हें पहले से ही पता था कि समय बीतने के साथ कोरोना के मामलों और मौतों की संख्या बढ़ जाएगी, लेकिन पाकिस्तान के लिए इस बीमारी से निपटने के लिए स्मार्ट लॉकडाउन एकमात्र विकल्प था।
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पाकिस्तान ने पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना के 6,321 मामलों और 92 मौतों की सूचना दी। पाक में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 1,23,493 हो गई और 2,409 लोगों की जान जा चुकी है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी कि लोग मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करें, सरकार उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
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उन्होंने ऐसे सभी परिसरों को सील करने की चेतावनी दी जिनसे घातक वायरस का प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि अगर जनता ने एहतियाती कदम नहीं उठाए तो कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ जाएगी। पीएम खान ने आरोप लगाया कि विपक्ष चाहता था कि अधिक लोग वायरस से संक्रमित हों, ताकि वह सरकार की आलोचना कर सकें और यही कारण है कि विपक्षी नेता लंदन से देश लौट आए।
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हम दबाव में नहीं झुके: इमरान खान
उन्होंने कहा मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम दबाव में नहीं झुके और भारत सहित कुछ अन्य देशों में लगाए गए लॉकडाउन के समान लॉकडाउन लागू नहीं किया। यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया, शिकागो विश्वविद्यालय आदि के विशेषज्ञों द्वारा एक सर्वेक्षण प्रकाशित किया गया है।
इमरान ने कहा, सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि भारत में 84 प्रतिशत लोगों को वित्तीय हानि का सामना करना पड़ा है और 34 फीसदी परिवार बिना वित्तीय सहायता के अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकते हैं। यह भी पता चलता है कि 30 मिलियन लोगों ने नौकरी खो दी है लेकिन अमीर वर्ग को कोरोना के कारण नुकसान नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था के खुलने और गरीबों के बीच नकद राशि के वितरण के कारण पाकिस्तान बच गया। मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि पाकिस्तान में आने वाले दिनों में मौतों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन भारत में मरीजों को अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल रहे हैं और अब यह (भारत) भी इस नतीजे पर पहुंच गया है कि लॉकडाउन कोई समाधान नहीं है।
जनता से एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया
इमरान खान ने जनता से एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया क्योंकि देश की स्वास्थ्य प्रणाली मरीजों का बोझ नहीं उठा सकती थी। उन्होंने कहा अब मुझे एसओपी के उल्लंघन के बारे में रिपोर्ट मिल जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दुकानें, मॉल, कारखाने और यहां तक कि आवासीय क्षेत्र भी उल्लंघन के बाद बंद कर दिए जाएंगे।
इमरान खान ने कहा कि आज हमारे पास एक महीने में 1.2 मिलियन परीक्षण करने की क्षमता है, शुरू में हमारे पास 2,800 वेंटिलेटर थे लेकिन अब हमारे पास 4,800 वेंटिलेटर हैं और 1,400 और ऑर्डर किए गए हैं। 600 आईसीयू बिस्तर थे, लेकिन अब हमारे पास 1,300 हैं।
पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ कैसर सज्जाद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को अब एहसास हो गया है कि एसओपी के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हम सुझाव देते हैं कि एक सख्त लॉकडाउन लागू किया जाना चाहिए और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने जीवन का बलिदान करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए।