फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   pakistan pm imran khan said someone from outside will not give rights to Afghan women

पाकिस्तान: तालिबान के पक्ष में बोले इमरान खान, कहा- अफगानिस्तान को नहीं चला सकती बाहरी ताकत

Thu, 16 Sep 2021 06:09 AM IST
Jeet Kumar एएनआई, इस्लामाबाद
एएनआई, इस्लामाबाद Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 16 Sep 2021 06:09 AM IST
सार

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने कहा कि यह सोचना गलत है कि बाहर से कोई अफगान महिलाओं को अधिकार देगा। अफगान महिलाएं मजबूत हैं। उन्हें समय दें। उन्हें उनके अधिकार मिलेंगे।

विज्ञापन
pakistan pm imran khan said someone from outside will not give rights to Afghan women
प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : twitter.com/PakPMO

विस्तार

अफगानिस्तान में अब तालिबान का राज है। अब वहां सरकार का गठन भी हो चुका है। दुनिया जानती है कि तालिबान की मदद करने में पाकिस्तान का हाथ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि अफगानिस्तान को बाहर से नियंत्रित करने की कोशिश करने के बजाय, मौजूदा संकट को समाप्त करने के लिए तालिबान के नए प्रशासन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। 

विज्ञापन


एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसी को इंटरव्यू देते हुए इमरान ने कहा कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के साथ आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका तालिबान के साथ जुड़ना और उन्हें महिलाओं के अधिकारों जैसे मुद्दों पर प्रोत्साहित करना है। 
विज्ञापन


आगे इमरान ने कहा कि तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है और अगर वे अब एक समावेशी सरकार की दिशा में काम कर सकते हैं, सभी गुटों को एक साथ मिला सकते हैं, तो अफगानिस्तान में 40 साल बाद शांति हो सकती है। लेकिन, अगर ऐसा नहीं हुआ, जिसे लेकर हम चिंतित हैं, तो वहां अराजतका फैल सकती है। सबसे बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो सकता है और एक बड़ी शरणार्थी समस्या भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं के अधिकारों को लेकर चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर, इमरान ने कहा कि यह सोचना एक गलती थी कि कोई बाहरी अफगान महिलाओं को उनका अधिकार देगा इमरान ने कहा कि अफगान महिलाएं मजबूत होती हैं। उन्हें समय दें, उन्हें उनका अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि आप विदेश से महिलाओं के अधिकारों को थोप नहीं सकते।


अंतरराष्ट्रीय समुदाय में कईयों को उम्मीद नहीं है कि तालिबान महिलाओं के अधिकारों को कायम रखने में कोई प्रगति करेगा। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान पर शासन करने वाले तालिबान ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को दूसरे दर्जे के नागरिक के रूप में माना है, उन्हें हिंसा, जबरन विवाह और देश में लगभग अदृश्य उपस्थिति के अधीन किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed