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पाकिस्तान: संकट में पीएम इमरान की कुर्सी, सरकार गिराने की तैयारी में विपक्षी पार्टियां
Fri, 04 Oct 2019 08:35 AM IST
Nilesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Nilesh Kumar
Updated Fri, 04 Oct 2019 08:35 AM IST
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इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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पाकिस्तान में इमरान सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यहां की मुख्य दक्षिणपंथी पार्टी 'अक्षम' सरकार गिराने की तैयारी में है और विपक्ष भी साथ देने को तैयार है। देश में उपजे आर्थिक संकट के लिए अक्षम पार्टी ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए आजादी मार्च निकालने की घोषणा की है।
अक्षम पार्टी का आरोप है कि खान आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को समस्याओं से बाहर निकाल पाने में असफल हैं। स्थानीय खबरों के अनुसार, जमियत अलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फज्लुर रहमान का यह फैसला मुख्य विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन और पीपीपी के फैसले के बाद आया है।
ये दोनों पार्टियां प्रधानमंत्री खान को सत्ता से बाहर करने के लिए किसी 'एकल संघर्ष' के खिलाफ हैं और उन्होंने सभी पार्टियों का एक सम्मेलन बुलाकर सहमत होने का निर्णय लिया है। जेयूआईएफ के प्रमुख ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों ने 25 जुलाई का चुनाव खारिज कर दिया था और ताजा चुनावों की मांग की थी।
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उन्होंने आगे कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां इस बात पर सहमत हैं कि नए सिरे से चुनाव कराए जाएं ताकि पता चल सके कि किसे वास्तविक जनादेश हासिल है। उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि वह अकेले आगे बढ़ रहे हैं। फजलुर ने कहा कि उनकी पार्टी अन्य सभी पार्टियों के साथ संपर्क में है और उनके साथ सलाह मशविरा करके ही फैसले ले रही है।
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अक्षम पार्टी का आरोप है कि खान आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को समस्याओं से बाहर निकाल पाने में असफल हैं। स्थानीय खबरों के अनुसार, जमियत अलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फज्लुर रहमान का यह फैसला मुख्य विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन और पीपीपी के फैसले के बाद आया है।
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ये दोनों पार्टियां प्रधानमंत्री खान को सत्ता से बाहर करने के लिए किसी 'एकल संघर्ष' के खिलाफ हैं और उन्होंने सभी पार्टियों का एक सम्मेलन बुलाकर सहमत होने का निर्णय लिया है। जेयूआईएफ के प्रमुख ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों ने 25 जुलाई का चुनाव खारिज कर दिया था और ताजा चुनावों की मांग की थी।
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'फर्जी चुनावों का परिणाम है इमरान सरकार'
जमीयत उलेमा ए इस्लाम-फजल के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह सरकार फर्जी चुनावों का परिणाम है। हम डी-चौक पर इकट्ठा होंगे। हम वे लोग नहीं हैं जो जिन्हें आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।उन्होंने आगे कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां इस बात पर सहमत हैं कि नए सिरे से चुनाव कराए जाएं ताकि पता चल सके कि किसे वास्तविक जनादेश हासिल है। उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि वह अकेले आगे बढ़ रहे हैं। फजलुर ने कहा कि उनकी पार्टी अन्य सभी पार्टियों के साथ संपर्क में है और उनके साथ सलाह मशविरा करके ही फैसले ले रही है।