फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan: Pakistan police trapped itself by making arrested Baloch woman as a propaganda weapon

Pakistan: गिरफ्तार बलूच महिला को प्रचार का हथियार बना कर खुद फंसी पाकिस्तान पुलिस

Tue, 25 Apr 2023 02:43 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 25 Apr 2023 02:43 PM IST
सार

पाकिस्तान के गैर-सरकारी संगठन ह्यूमन राइट्स कमीशन ने हाल में बलूचिस्तान की स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट जारी की है। उसमें कहा गया है कि बलूचिस्तान के आवाम में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा पल रहा है। बलूचिस्तान के लोगों में यह राय गहरा गई है कि पाकिस्तान ने उनके प्रदेश को ‘उपनिवेश’ बना रखा है...

विज्ञापन
Pakistan: Pakistan police trapped itself by making arrested Baloch woman as a propaganda weapon
Pakistan- Mahil Baloch - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

बलूचिस्तान में गिरफ्तार महिलाओं के साथ पुलिस हिरासत में किए जा रहे सलूक से पाकिस्तान में पुलिस के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि पुलिस महिलाओं को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें बार-बार मीडिया के सामने लाकर उनका इस्तेमाल प्रचार के लिए कर रही है। इस मामले में माहिल बलोच नाम की एक महिला का मामला खासा चर्चित हुआ है। पुलिस हिरासत में होने के बावजूद माहिल को बार-बार मीडिया के सामने लाकर इकबालिया बयान दिलवाया गया है।

विज्ञापन

27 साल की माहिल दो बच्चों की सिंगल मदर है। वह बलूचिस्तान के केच इलाके की रहने वाली है। बलूचिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने उसे पिछले महीने गिरफ्तार किया था। अधिकारियों का आरोप है कि माहिल प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रेंट (बीएलएफ) की सदस्य है और वह एक फिदायीन हमले की तैयारियों में जुटी हुई थी।

विज्ञापन

माहिल का हाल में कई मीडिया संस्थानों ने इंटरव्यू लिया है। पुलिस हिरासत में रहते हुए दिए गए ये इंटरव्यू ही अब विवाद का मुद्दा बन गए हैं। बलूच कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है। उन्होंने इसे मीडिया ट्रायल यानी मीडिया के जरिए मुकदमा चलाने की कोशिश बताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस सिलसिले में पाकिस्तान के अखबार डॉन ने बलूच कार्यकर्ताओं, कुछ सांसदों और मानव अधिकार कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन सबने माहिल को टीवी पर लाकर इंटरव्यू दिलवाने के लिए पुलिस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए खास कर महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं को नकारात्मक संदेश देने की कोशिश की जा रही है। बलूचिस्तान में कथित पुलिस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों में महिला कार्यकर्ताओं की खास भूमिका रही है।

पाकिस्तान के गैर-सरकारी संगठन ह्यूमन राइट्स कमीशन ने हाल में बलूचिस्तान की स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट जारी की है। उसमें कहा गया है कि बलूचिस्तान के आवाम में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा पल रहा है। बलूचिस्तान के लोगों में यह राय गहरा गई है कि पाकिस्तान ने उनके प्रदेश को ‘उपनिवेश’ बना रखा है। ह्यूमन राइट्स कमीशन ने कहा है कि यह स्थिति पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है।

बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (एम) की विधायक शकीला नवीद देहवार ने डॉन से कहा कि माहिल के मामले से बलूचिस्तान के लोगों में पाकिस्तान के प्रति हिकारत और बढ़ गई है। उन्होंने कहा- ‘माहिल एक गरीब महिला है। उसे जानबूझ कर मीडिया के सामने लाया गया है, ताकि प्रांत की महिला कार्यकर्ताओं को बदनाम किया जा सके। ये महिला कार्यकर्ता प्रांत में लोगों को लापता कर देने के चलन के खिलाफ आवाज उठाने में सबसे आगे रही हैं।’

जबकि बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के प्रवक्ता बाबर युसूफजई ने दावा किया है कि खुफिया जानकारियों के आधार पर पुलिस ने माहिल बलूच को गिरफ्तार किया। वह क्वेटा में फिदायीन हमला करने की तैयारी में थी। यही बात उसने वीडियो इंटरव्यू में स्वीकार किया है और ऐसा ही बयान कोर्ट में भी दिया है।

लेकिन वॉयस ऑफ मिसिंग बलूच पर्संस नाम के संगठन के अध्यक्ष नसरुल्लाह बलूच ने कहा है- ‘हमारी हमेशा ही मांग रही है कि बलूच लोगों को फर्जी मामलों में ना फंसाया जाए। जब तक अदालत उन्हें दोषी नहीं ठहरा देती, उनके साथ गैर-कानूनी व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed